चुनाव आयोग ऐप वोटर टर्न आउट के मुताबिक दूसरे चरण में 70 सीटों पर 75.08 प्रतिशत मतदान हुआ जोकि वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव की तुलना में 1.8 प्रतिशत कम है। 2018 में हुए विधानसभा चुनाव में प्रदेश में 76.88 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान किया था।
प्रदेश में सबसे अधिक 86.54 प्रतिशत मतदान खरसिया विधासभा क्षेत्र में हुआ, वहीं सबसे कम 53.80 प्रतिशत मतदान रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में हुआ। खराबी के चलते 137 बैलेट यूनिट, 113 कंट्रोल यूनिट और 349 वीवीपैट मशीनों को बदला गया। दूसरे चरण में शुक्रवार को मतदान के बाद 958 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद हो गया है।
बता दें कि प्रदेश की 90 में से 20 सीटों पर सात नवंबर को 78 प्रतिशत मतदान हुआ था। तीन दिसंबर को मतगणना होगी। मतदान में युवाओं के साथ ही बुजुर्गों ने भी पूरा उत्साह दिखाया। कई मतदान केंद्रों में तो सुबह पांच बजे से मतदाता पहुंचने लगे थे। हालांकि सुबह के शुरुआती दो घंटों के दौरान कई केंद्रों में मतदान का प्रतिशत बहुत कम रहा। दोपहर 12 बजे के बाद मतदाताओं की संख्या बढ़ी और मतदान में तेजी आई।
कुछ मतदान केंद्रों में वाद-विवाद की स्थिति भी बनी। शाम पांच बजे तक की स्थिति में प्रदेश में एक करोड़ 17 लाख 18 हजार 317 मतदाताओं ने मतदान कर लिया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के विधायकी क्षेत्र पाटन में देर शाम तक 84.12 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।