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एक्टर अंगद बेदी ने 400 मीटर दौड़ में जीता गोल्ड मेडल, कहा- पिता बिशन सिंह बेदी की थी चाहत

अपडेट Oct 30, 2023 03:07 pm IST
हाल ही में पिता बिशन सिंह बेदी को खो चुके अंगद बेदी ने एक नया मुकाम हासिल किया है। उन्होंने दुबई में हुए एक ओपन ओपन इंटरनेशनल मास्टर्स 2023 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में गोल्ड मेडल जीता है और इंटरनेशनल स्पोर्ट्स करियर की शुरुआत की है। अंगद इसके अलावा क्रिकेट की दुनिया में भी काफी एक्टिव रहे हैं और नाम कमा चुके हैं। वो बात अलग है कि उन्होंने अपने पिता की तरह भारत के लिए नहीं खेला। मगर पहचान जरूर बनाई है।

अनुभवी एथलीटों के खिलाफ कम्पीट करते हुए, अंगद बेदी ने अपनी छिपी हुई प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए 67 सेकंड में दौड़ पूरी की। यह उपलब्धि उनके फलते-फूलते एक्टिंग करियर के साथ-साथ एक साल की कड़ी ट्रेनिंग के बाद आई है। इस साल की शुरुआत में, अंगद बेदी ने खेल के प्रति रुचि दिखाई थी और मुंबई में आयोजित एक टूर्नामेंट में अपना पहला सिल्वर मेडल जीता था।

कोच ने दी अंगद बेदी को ट्रेनिंग

कोच ब्रिंस्टन मिरांडा के मार्गदर्शन में, अंगद बेदी ने अपनी स्किल्स को निखारा। कोच ब्रिंस्टन मिरांडा, जो वर्तमान में 400 मीटर बैरियर रेस में ग्लोबल रैंकिंग में 5वें स्थान पर हैं और 7 साल से एशिया नंबर 1 भी हैं, ने अंगद की जीत की यात्रा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। अंगद बेदी ने सोशल मीडिया पर टूर्नामेंट की फोटोज भी शेयर की हैं। उन्होंने इस जीत को अपने

पिता को डेडिकेट किया मेडल

अंगद बेदी ने जीत पर कहा, 'यह जीत मेरे पिता को समर्पित है, वह हमेशा कहते थे कि अपना सिर नीचे रखो और अपने काम को बोलने दो। मैं हमेशा उनसे प्रेरित रहा हूं। मैंने यह दौड़ इसलिए की क्योंकि मेरे पिता ऐसा चाहते थे। यह उनका और उनकी विरासत का सम्मान करने का मेरा तरीका है। खेल भावना मेरे खून में है। और मैं वही करना चाहता हूं जो मेरे पिता ने मुझसे उम्मीद की होगी। मैंने यह दौड़ उनके और उनके मूल्यों के सम्मान में की थी। मैं कोच ब्रिंस्टन मिरांडा के मार्गदर्शन के लिए भी बहुत आभारी हूं, जिनकी विशेषज्ञता ने मेरी प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।'


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