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खतरे में अमेरिका के परमाणु बम! तुर्की में हमास समर्थक प्रदर्शनकारियों ने घेरा इनसर्लिक एयरबेस, बढ़ी टेंशन

अपडेट Nov 06, 2023 01:47 pm IST
अंकारा: इजरायल-हमास युद्ध के बीच अमेरिका के परमाणु हथियारों के लिए चिंता बढ़ गई है। दक्षिणपूर्व तुर्की में अमेरिका के इनसर्लिक एयर बेस के बाहर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। फिलिस्तीन समर्थकों की भीड़ एयरबेस को घेरे हुए है और लगातार आगे बढ़ रही है। अमेरिका के पांच नाटो देशों में छह टैक्टिकल न्यूक्लियर बेस हैं। यह बेल्जियम, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड और तुर्की में हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक जिस इनसर्लिक एयरबेस को फिलिस्तीन समर्थकों ने घेर रखा है, वहां अमेरिका ने परमाणु हथियार रखे हुए हैं।

सोशल मीडिया पर इससे जुड़ा वीडियो सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि लोग फिलिस्तीन का झंडा लहराते हुए मैदान में दौड़ रहे हैं। पुलिस इन पर आंसू गैस के गोले दाग रही है। इसके साथ प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौझार भी की गई। अभी तक किसी के घायल होने या गिरफ्तारी की रिपोर्ट सामने नहीं आई है। इसके साथ ही अमेरिका की ओर से भी कोई टिप्पणी नहीं की गई है। इस बेस का स्वामित्व तुर्की के पास ही है। लेकिन अमेरिकी वायुसेना के साथ-साथ कभी-कभी ब्रिटेन की रॉयल एयर फोर्स इसका इस्तेमाल करती है।

ब्लिंकन की यात्रा से पहले प्रदर्शन

यह प्रदर्शन अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन की तुर्की यात्रा के साथ मेल खाता है, जो रविवार की देर रात पहुंचने वाले हैं। सोमवार को वह तुर्की के विदेश मंत्री से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा तुर्की की राजधानी अंकारा में अमेरिकी दूतावास के बाहर रविवार को 1000 से ज्यादा लोगों ने रैली की। इजरायल पर हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर को हमला किया था। इन आतंकियों को खत्म करने के लिए इजरायल लगातार गाजा पर बम बरसा रहा है। इसे देखते हुए कई बार तुर्की में विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

पहले ही बढ़ाई गई थी सुरक्षा

अमेरिकी सेना को पहले से ही इंसर्लिक एयरबेस के पास सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं थीं। यही वजह है कि इसी हफ्ते सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। शुक्रवार को ट्रकों में बैठ कर लोग एयरबेस की ओर जा रहे थे। इस प्रदर्शन का आयोजन बुलेंट यिल्डिरिम ने किया जो IHH ह्यूमैनिटेरियन रिलीफ फाउंडेशन का नेतृत्व करते हैं। यह तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से जुड़ा एक संगठन है। इसी सप्ताह यिल्डिरिम ने हजारों लोगों से इंसर्लिक पहुंचने को कहा था। दरअसल इजरायल का अमेरिका समर्थन कर रहा है। इस कारण यह विरोध प्रदर्शन उसके खिलाफ हो रहे हैं।


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