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एक चीन नीति मानता है भूटान, सीमा विवाद का जल्द से जल्द चाहते हैं हल, चीनी विदेश मंत्री से खुलकर बोले भूटानी मंत्री

अपडेट Oct 24, 2023 01:48 pm IST
बीजिंग: चीन का लगभग अपने हर पड़ोसी के साथ सीमा को लेकर विवाद है। छोटे से भूटान के साथ भी चीन का जमीन को लेकर तनाव रहा है। लेकिन अब दोनों देश इसे जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं। चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने चीन-भूटान सीमा मुद्दे पर बातचीत के लिए सोमवार को भूटान के विदेश मंत्री टांडी दोरजी से मुलाकात की। चीन के सरकारी टेलीविजन CGTC के मुताबिक दोनों पक्षों ने सीमा विवाद जल्द से जल्द हल करने की कसम खाई।

वांग ने बताया कि सीमा वार्ता का पूरा होना और चीन-भूटान के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना पूरी तरह से दीर्घकालिक है। यह भूटानी राष्ट्र के लोगों के मौलिक हितों के अनुरूप है। वांग ने कहा कि चीन जल्द से जल्द इस प्रक्रिया को पूरा करने के ऐतिहासिक अवसर का लाभ उठाने के लिए भूटानी पक्ष के साथ तैयार है। रिपोर्ट के मुताबिक दोरजी ने कहा कि पारंपरिक तौर पर दोनों देशों के संबंध मजबूत रहे हैं।

एक चीन नीति के साथ भूटान

उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि भूटान एक चीन सिद्धांत का पालन करता है। इसके साथ भूटान सीमा मुद्दे का जल्द से जल्द समाधान करने और राजनयिक संबंध स्थापित करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ काम करने को तैयार है। चीनी विदेश मंत्री ने इस दौरान कहा है कि चीन ने हमेशा पड़ोसी को सबसे आगे रखा है और हमेशा बिना देशों के आकार की परवाह किए बिना सभी को समान माना। हालांकि वांग यहां यह बताना भूल गए कि कुछ समय पहले चीन ने सीमा के करीब भूटान से विवाद किया था।

डोकलाम को लेकर हुआ था विवाद

2017 में भारत और चीन के बीच डोकलाम विवाद हुआ था। डोकलाम पठार को भारत और भूटान दोनों ही भूटानी क्षेत्र मानते हैं। लेकिन चीन की ओर से इस क्षेत्र में सड़क का निर्माण किया जा रहा था, जिसका विरोध भूटान ने किया था। डोकलाम भारत, तिब्बत और भूटान के त्रिकोणीय जंक्शन पर स्थित है और नाथुला पास के करीब है। नाथुला पास के जरिए ही कैलास मानसरोवर जाया जाता है, जिसे तब चीन ने रोक दिया था।


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