कमजोर बूथों पर भी होगा बदलाव
बीजेपी को बूथ सशक्तीकरण अभियान के दौरान मिली रिपोर्ट के मुताबिक 1.62 लाख बूथों में से करीब 22 हजार बूथ ऐसे थे, जो कमजोर माने जा रहे थे। इन्हें बी और सी श्रेणी का बूथ माना गया था। इनमें से कुछ में बदलाव किया जा रहा है। करीब 15% बूथों पर टीम ही पूरी नहीं थी। कहीं अध्यक्ष पुराने थे या काम नहीं कर रहे थे तो कहीं पर 16 सदस्यीय टीम ही पूरी नहीं थी। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी कहते हैं कि इस रिपोर्ट के आधार पर ही बदलाव किया जा रहा है। संगठन महामंत्री की सहमति के बाद यह पूरी सूची तैयार कर ली गई है। वह कहते हैं कि दरअसल बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की जरूरत समझी जा रही थी। बूथ कार्यकर्ता ही चुनाव के वक्त वोटर को लाने और समझाने का काम करता है। इस सूची को इस महीने के आखिर तक जारी करने पर विचार किया जा रहा है। साथ ही पिछड़ा वर्ग मोर्चा और युवा मोर्चा के अध्यक्ष भी बदल सकते हैं। पिछड़ा वर्ग मोर्चा के अध्यक्ष नरेंद्र कश्यप सरकार में मंत्री बनाए जा चुके हैं। वहीं युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रांशु दत्त द्विवेदी भी एमएलसी हैं। पिछड़ा वर्ग मोर्चा अध्यक्ष पद पर मोर्चे के ही एक महामंत्री को जिम्मेदारी दी जा सकती है। वहीं युवा मोर्चा के लिए नए नामों पर विचार किया जा रहा है।