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IMF की हर शर्त को नहीं मान सकते... खैरात देने वाले को ही आंख दिखा रहा 'भिखारी' पाकिस्तान

अपडेट Jun 16, 2023 07:21 pm IST
इस्लामाबाद: अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) ने पाकिस्तान के बजट की आलोचना की है। आईएमएफ का कहना है कि पाकिस्तान सरकार 2023-24 के बजट में टैक्स बेस को व्यापक बनाने में फेल साबित हुई है। इसके बाद से कंगाली की दहलीज पर खड़ा पाकिस्तान आगबबूला है। पाकिस्तानी वित्त मंत्री इशाक डार ने आईएमएफ के बयान के चंद घंटों के अंदर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पाकिस्तान एक संप्रभु देश और वह कर्ज देने वाले की सभी शर्तों को नहीं स्वीकार सकता है। पाकिस्तान के इस घमंडी रवैये से यह तो साफ हो गया है कि उसे फिलहाल आईएमएफ से कर्ज नहीं मिलने वाला है। ऐसे में पाकिस्तान के सामने पुराने कर्जों को समय पर चुकाने का संकट पहले की ही तरह बना हुआ है। अगर पाकिस्तान एक भी किश्त को चुकाने चूकता है तो उसे डिफॉल्ट घोषित कर दिया जाएगा।

आईएमएफ पर गरजे पाकिस्तानी वित्त मंत्री

वित्त और राजस्व पर पाकिस्तानी सीनेट की स्थायी समिति को संबोधित करते हुए उन्होंने हाल में ही पेश किए गए बजट में दी गई टैक्स छूट पर आईएमएफ की आपत्ति का जवाब दिया। इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान एक संप्रभु देश है और आईएमएफ से सब कुछ स्वीकार नहीं कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि एक संप्रभु देश के रूप में, इस्लामाबाद को कुछ कर रियायतें देने का अधिकार होना चाहिए। आईएमएफ चाहता है कि हम किसी भी क्षेत्र में टैक्स रियायतें न दें।

पाकिस्तानी सीनेटरों को दिया आश्वासन

पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने सीनेटरों को आश्वासन दिया कि सरकार को पता है कि राजस्व पैदा करने के लिए कितना टैक्स इकट्ठा करने और बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि सरकार ने आगामी बजट में टैक्स के लक्ष्य को 7.2 ट्रिलियन रुपये से बढ़ाकर 9.2 ट्रिलियन रुपये कर दिया है। उन्होंने कहा कि यह लक्ष्य टैक्स छूट से अलग है। टैक्स मुक्त क्षेत्रों से कोई बजट नहीं आ रहा है। हम इस पर आईएमएफ को भरोसे में लेंगे। मंत्री ने यह भी कहा कि नए बजट में सरकार आर्थिक विकास के लिए चार ड्राइवर्स (चालकों) पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

पाकिस्तानी वित्त मंत्री ने युवाओं को लुभाने की कोशिश की

उन्होंने आईटी क्षेत्र को दिए गए पैकेज के बारे में भी बताया, जिसमें कहा गया कि सरकार आईएमएफ की मांगों पर आईटी क्षेत्र में युवाओं को रियायतें देने पर प्रतिबंध नहीं लगा सकती है। पाकिस्तान के संघीय मंत्री ने कहा कि हम आईटी क्षेत्र में विकास के माध्यम से युवाओं को रोजगार के अवसर देना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने अगले पांच वर्षों में आईटी निर्यात में 15 अरब डॉलर हासिल करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा, 'इस साल आईटी निर्यात 2.5 अरब डॉलर था जो बहुत कम है। हम आने वाले साल में आईटी निर्यात को 4.5 अरब डॉलर तक ले जाना चाहते हैं।

पाकिस्तान के खिलाफ साजिश का लगाया आरोप
बड़े पैमाने पर डिफॉल्ट होने के बारे में बात रहते हुए इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ भू-राजनीति हो रही है, इसलिए देश डिफॉल्ट करता है। डार ने कहा कि विदेशी दुश्मन चाहते हैं कि पाकिस्तान एक और श्रीलंका में बदल जाए और फिर आईएमएफ इस्लामाबाद के साथ बातचीत करे। पिछली सरकार के कार्यकाल के दौरान स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान अधिनियम में किए गए संशोधनों की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि संशोधनों के कारण एक देश के भीरत एक और देश का निर्माण हो गया है। उन्होंने आगे कहा कि स्टेट बैंक अधिनियम में किए गए संशोधन टिकाऊ नहीं हैं। वित्त मंत्री के मुताबिक, एसबीपी के नियामक कानूनों में बदलाव किए गए थे लेकिन वे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं।

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