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चीन के BRI पर मंडरा रहे संकट के बादल, अर्थव्यवस्था खतरे में, फिर भी 130 देशों को बुला रहे जिनपिंग

अपडेट Oct 17, 2023 10:13 am IST
वॉशिंगटन: चीन के बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव को 10 वर्ष पूरे हो चुके हैं। पहली बार जब 2017 में इससे जुड़ा सम्मेलन आयोजित किया गया था तो चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इसे सदी की परियोजना बताया था। बुनियादी ढांचे में निवेश के जरिए वह चीन की सॉफ्ट पावर दिखाना चाहते थे। अब इस हफ्ते चीन तीसरे बेल्ट एंड रोड फोरम का आयोजन करेंगे, जिसमें 130 देशों के प्रतिनिधि पहुंचेंगे। हालांकि अब बीआरआई पर अब संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शंघाई थिंक टैंक ग्रीन फाइनेंस एंड डेवलपमेंट के अनुमान के मुताबिक इस परियोजना पर पहले दशक में 1 ड्रिलियन डॉलर खर्च हुए हैं। लेकिन हाल के वर्षों में इसकी रफ्तार कम हो गई है। कई देशों में बीआरआई से जुड़े प्रोजेक्ट आधे-अधूरे पड़े हैं।

चीन की अर्थव्यवस्था 2018 से धीमी होने के कारण बीआरआई देशों में काम धीमा हो रहा है। चीन पर लगातार आरोप लगता रहा है कि उसने गैरजिम्मेदाराना तरीके से ऋण दिया जो देशों को डिफॉल्ट की ओर ले गया। अमेरिका के साथ खराब संबंधों ने शी जिनपिंग की परियोजना में भी फूट डाली है। जी-7 देशों का इकलौता सदस्य इटली इस साल के अंत तक बीआरआई परियोजना से बाहर आने के लिए तैयार है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक एक चीनी अधिकारी ने बीआरआई को मरा हुआ मान लिया है। उसने कहा कि कोविड और चीन के आर्थिक समस्या से इसे दोहरा झटका लगा है।

चीन की अर्थव्यवस्था 2018 से धीमी होने के कारण बीआरआई देशों में काम धीमा हो रहा है। चीन पर लगातार आरोप लगता रहा है कि उसने गैरजिम्मेदाराना तरीके से ऋण दिया जो देशों को डिफॉल्ट की ओर ले गया। अमेरिका के साथ खराब संबंधों ने शी जिनपिंग की परियोजना में भी फूट डाली है। जी-7 देशों का इकलौता सदस्य इटली इस साल के अंत तक बीआरआई परियोजना से बाहर आने के लिए तैयार है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक एक चीनी अधिकारी ने बीआरआई को मरा हुआ मान लिया है। उसने कहा कि कोविड और चीन के आर्थिक समस्या से इसे दोहरा झटका लगा है।


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