नगर सरकार के अंतिम चरण में अब सम्मेलनों का आयोजन निकायों के सभाकक्ष में किया जा रहा है। लगातार दूसरे दिन जिले की तीन निकायों में सम्मेलन का आयोजन किया गया। यहां पर अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित अपील समिति के सदस्यों के लिए चुनाव प्रकिया अपनाई गई। इन तीनों ही स्थानों पर कांग्रेस मजबूत स्थिति में थी, किंतु इसके बावजूद भाजपा ने बेहतर प्रदर्शन करके दिखाया है।
धामनोद नगर परिषद में कांग्रेस की सीमा विष्णु पाटीदार को विजय घोषित किया गया है। वहीं सरदारपुर में मीनाक्षी अर्पित ग्रेवाल विजय हुई है। साथ ही कुक्षी नगर परिषद में भाजपा व कांग्रेस उम्मीदवार को बराबर वोट मिले थे, ऐसे में अंतिम निर्णय गोटी के रुप में होने से भाजपा की रेलम चौहान विजय घोषित हुई है।
नाम फाइल करने के लिए BJP ने नियुक्त किए प्रर्यवेक्षक
दरअसल, जनवरी माह में पार्षदों का चुनाव हुआ था, जिले की 9 नगरीय निकायों में कुल 166 पार्षद चुनकर आए थे। जिसमें भाजपा, कांग्रेस सहित कई निर्दलीय उम्मीदवार भी जीते थे। इस मर्तबा अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का निर्वाचन अप्रत्यक्ष प्रणाली से होना है। जिसमें जीते हुए भाजपा वोट करेंगे, पहले दिन होने वाले दोनों स्थानों के चुनाव में भाजपा मजबूत है। इसके बावजूद अपने-अपने समर्थकों को अध्यक्ष बनाने के कारण भाजपा नेता ही आपस में उलझे हुए है। सुबह 11 बजे तक अध्यक्ष के नाम की अधिकृत घोषणा नहीं हो पाई। इधर भाजपा ने नामों को फाइनल करने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त किए थे, इनके द्वारा दो नामों पर सहमति करने के बाद प्रदेश संगठन को इस बारे में जानकारी दी गई थी। जहां से अंतिम निर्णय होने के बाद अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का नाम तय हुआ है।
सरदारपुर नगर परिषद
यहां पर पिछले मर्तबा कांग्रेस की परिषद रही थी, वहीं क्षेञ से कांग्रेस के विधायक प्रताप ग्रेवाल भी है। ऐसे में कांग्रेस को इस सीट को बचाने के लिए काफी मशक्कत का सामना करना पडा। वर्तमान परिस्थिति में कांग्रेस के 9 व भाजपा के 6 पार्षद चुनाव जीतकर आए थे, यहां पर भाजपा की और से अध्यक्ष पद के लिए रोमा धर्मेंद्र मंडलोई ने अधिकृत फॉर्म व कांग्रेस की और से मीनाक्षी अर्पित ग्रेवाल ने नामांकन जमा किया था। चुनाव प्रक्रिया के बाद मीनाक्षी ग्रेवाल को विजय घोषित किया गया है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान कांग्रेस को यहां पर 10 वोट मिले हैं, इस तरह से क्रॉस वोटिंग होने पर कांग्रेस को एक वोट ज्यादा मिला है।
धामनोद नगर परिषद
यहां पर पिछले मर्तबा भाजपा की परिषद रही थी, हालांकि क्षेञ से कांग्रेस के विधायक पांचीलाल मेडा है। ऐसे में भाजपा ने इस सीट को बचाने का प्रयास किया, किंतु टिकट वितरण से नाराज नेताओं के कारण भाजपा को दिक्कत हुई। वर्तमान परिस्थिति में कांग्रेस के 9 व भाजपा के 6 पार्षद चुनाव जीतकर आए थे, भाजपा ने परिषद बनाने के लिए कई प्रयत्न किए। किंतु कांग्रेस ने भाजपा से परिषद छिन ली व कांग्रेस की सीमा पाटीदार 9 वोटों से विजय घोषित की गई। भाजपा की और से डॉ प्रीती पाटीदार को उम्मीदवार बनाया गया था।
कुक्षी नगर परिषद
यहां पर पिछली मर्तबा भाजपा की परिषद रही थी, इस क्षेत्र से कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र हनी बघेल राजनीति करते है। ऐसे में भाजपा को परिषद बनाने के साथ नगरीय क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति को मजबूत करने का जिम्मा विधायक पर था। वर्तमान परिस्थिति में कांग्रेस के 8 पार्षद व भाजपा के 7 पार्षद ही चुनाव जीतकर आए थे, यहां पर भाजपा को एक ही वोट की जरूरत थी। यहां पर अध्यक्ष के लिए हुई चुनाव प्रक्रिया के दौरान भाजपा व कांग्रेस को 7-7 वोट मिले तथा एक वोट रिजेक्ट हो गया। ऐसे में रिटर्निंग अधिकारी के द्वारा एक बच्ची को बुलवाया गया व गोली सिस्टम के तहत नतीजा भाजपा के पक्ष में आने पर रेलम चौहान को विजय घोषित किया गया।
भाजपा की एक बढ़त
जिले की 9 नगरीय निकायों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष के लिए चुनाव के तहत सम्मेलन होना है। शुरु दो दिनों में 5 निकायों के परिणाम सामने आए हैं, जिसमें भाजपा कुक्षी, मनावर व डही में परिषद अध्यक्ष के माध्यम से बना चुकी है। वहीं कांग्रेस धामनोद व सरदारपुर में अध्यक्ष पद पर कब्जा किया है। इस तरह से भाजपा को एक परिषद की बढत मिली है। शेष निकायों में सम्मेलन रविवार व सोमवार को होंगे।