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रायपुर में डेंजर डॉग्स,शेरों में भी इनका खौफ :एक इशारे पर अनजान को करा दे सरेंडर,मलबे में दफन लोगों को ढूंढ निकालने में माहिर

अपडेट Dec 26, 2022 08:12 pm IST

छत्तीसगढ़ के रायपुर में रविवार को नेशनल डॉग शो का आयोजन किया गया। इवेंट में अलग-अलग जगहों से कई तरह के डॉग ब्रीड को लाया गया। डॉग शो कॉम्पिटिशन में कई ट्रेंड डॉग ब्रीड के करतब देखने को मिले।

शो में डॉगी ने मालिक के एक इशारे में सामने वाले शख्स को सरेंडर करने पर मजबूर करवा दिया। साथ ही एक ट्रेंड लैब्राडोर डॉग ऑडी ने ट्रेनर के इशारे पर हाई जंप,लॉन्ग जंप लगाया और अपनी ताकत से थर्माकोल के मोटे गत्ते को तोड़ दिया। बच्चों के पंसदीदा पॉम ब्रीड, चोरों का दुश्मन जर्मन शेफर्ड, लैब्राडोर और मजबूत जबड़ों वाला केन कोर्सो जैसे नस्ल के डॉग देखने को मिले।

शो के दौरान डॉग ट्रेनर सोनू साहा ने बताया कि वे एक प्रोफेशनल तौर पर डॉग को तैयार करते है। उन्हें कई महीनों की ट्रेनिंग देकर फ्रेंडली नेचर का बनाया जाता है। सोनू अपने साथ कई अलग अलग ब्रीड के डॉग्स को कार्यक्रम में लेकर पहुंचे थे।

सोनू के मुताबिक इसमें एक केन कोर्सो नाम का ब्रीड इंसान के बहुत अच्छे दोस्त है। अपने मालिक के लिए वफादार भी हैं। इस ब्रीड के डॉग मालिक का इशारा मिलते ही किसी नापसंद व्यक्ति को जबड़ों से पकड़ लें तो सामने वाले का बचकर भागना नामुमकिन है।

केन कोर्सो नस्ल के डॉग की PSI (प्रति स्क्वायर इंच पर लगने वाला बल) 700 के आसपास है। जबकि अफ्रीकन शेर का बाइट PSI भी इससे कम है। मतलब इस डॉग के जबड़े की पकड़ शेर से अधिक मजबूत है। इस नस्ल की कीमत 1-1.50 लाख रुपए तक की होती है।

सोनू ने बताया कि कई देशों के लोग इस नस्ल के डॉग के जरिए शेरों के अटैक से बचते रहे हैं। ये ब्रीड इकट्‌ठे मिलकर शेर को खदेड़ देते हैं। इसके अलावा सेंट बर्नार्ड नस्ल के डॉग भूकंप के मलबे और बर्फ में दबे इंसानों को निकालने में माहिर होते हैं। हर साल इस ब्रीड के डॉग सैकड़ों लोगों की जान बचाते हैं।

इस कार्यक्रम में वाइट ब्लैक हस्की ब्रीड भी दिखा। ये डॉग फैमिली नेचर का है। ये ब्रीड दिखने में सुंदर और आकर्षक है। अलास्का और साइबेरिया के बर्फीले जगहों में इस नस्ल के डॉग का उपयोग सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान लाने में किया जाता हैं। शो में इंग्लिश मास्टिफ ब्रीड भी देखने को मिला। जो ब्रिटिश डॉग की नस्ल है।

छत्तीसगढ़ केनिन एसोसिएशन के अध्यक्ष शरद पांडेय ने बताया कि इस तरह के आयोजन से डॉग ब्रीड को हम लगातार बेहतर कर रहे है। ये प्रोग्राम का उद्देश्य डॉग लवर के लिये अच्छे ब्रीड उपलब्ध करवाना है। इसमें लोगों को डॉग की अच्छी देखभाल करना और उन्हें अच्छी ट्रेनिंग देने जैसी चीजें देखने को मिलती हैं। साथ ही मालिक के प्रति सबसे आज्ञाकारी और वफादारी भी डॉग स्टंट शो के जरिए खुद को साबित करते हैं।

यहां पहुंचे थे दुनिया की 30 नस्ल के डॉग.. नीचे पढ़ें

बिलासपुर में एक हफ्ते पहले एक ही जगह दुनिया भर के 30 कुत्तों के नस्ल दिखाई दिए। दरअसल, यहां कोरोना के तीन साल बाद डॉग शो का आयोजन किया गया। इसमें बिलासपुर समेत और छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से आए लोगों ने अलग-अलग प्रजाति के 230 डॉग को प्रदर्शित किया। हालांकि, इसमें एक भी देशी ब्रीड के डॉग शामिल नहीं थे। शो में पॉम डॉग ने बच्चों को आकर्षित किया। वहीं, जर्मन शेफर्ड, लेब्राडोर और केन कोर्स को देखकर लोग रोमांचित हो रहे।



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