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बिहार में डराने लगा डेंगू: बीते 24 घंटे के दौरान दो मरीजों की मौत, मिले 344 नए केस, जानिए बचने का उपाय

अपडेट Oct 06, 2023 01:20 pm IST
पटना: बिहार में डेंगू के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस दौरान मरीजों की मौत भी होने लगी है। गुरुवार को 24 घंटे में डेंगू के 344 नए मामले सामने आए हैं। इसके साथ ही इस साल अब तक राज्य में डेंगू के मामलों की संख्या 7,775 हो गई है। जबकि दो मरीजों की पटना में इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक बेगूसराय जिले के रहने वाले है। एक मृतक बलिया इलाके का तो दूसरा मृतक लोहियानगर का है। बता दें, अक्टूबर के पहले पांच दिनों में ही 1,040 मामले सामने आ चुके हैं।

डेंगू के 303 मरीजों का चल रहा था इलाज

गुरुवार को 303 डेंगू रोगियों का विभिन्न अस्पतालों में इलाज चल रहा था। राज्य स्वास्थ्य समिति की ओर से जारी एक डेंगू बुलेटिन के अनुसार, भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (JNMCH) में 131 मरीजों का इलाज चल रहा था। ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-पटना (AIIMS-P) और इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IGIMS) में 25-25 मरीजों का इलाज चल रहा था। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (PMCH) में सात मरीजों का इलाज चल रहा था और नालंदा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (NMCH) में 21 मरीजों का इलाज चल रहा था।


पटना में मिले सबसे ज्यादा डेंगू मरीज

बीते दिन गुरुवार को 344 नए मामलों में सबसे ज्यादा केस पटना से सामने आए हैं। पटना में डेंगू के 179 नए मामले मिले हैं। इसके बाद सारण में 20, भागलपुर में 19, नवादा में 17 और मुंगेर में डेंगू के 16 नए मामले मिले हैं।

डेंगू के लक्षण:
बुखार: डेंगू में अचानक उच्च बुखार होता है, जो अक्सर 104 डिग्री फ़ैरेनहाइट (40 डिग्री सेल्सियस) तक पहुँच सकता है।
सिरदर्द: गंभीर सिरदर्द की स्थिति हो सकती है।
जोड़ों और पसलियों में दर्द: यह एक अन्य सामान्य लक्षण है, जिसमें जोड़ों और पसलियों में गहरा दर्द होता है।
थकान: डेंगू में बेहद अधिक थकान महसूस हो सकती है।
खून की कमी: डेंगू के कारण प्लेटलेट काउंट में कमी हो सकती है, जिससे खून की कमी हो सकती है।
डेंगू से बचाव के उपाय:
मच्छरों से बचाव: मच्छरों के काटने से बचने के लिए मौसम के अनुसार धुप में रहें, पहने हुए कपड़ों से कवर करें, और मौसम में मच्छरों की बढ़ती संख्या के बारे में जागरूक रहें।

जगहों को स्वच्छ रखें: अपने आस-पास की जगहों को स्वच्छ रखें, खासकर पानी जमा न होने दें। मच्छर पानी में पैदा होते हैं।

आत्म संरक्षण: डेंगू के इलाज का कोई कोई विशेष उपचार नहीं होता है, इसलिए इसे प्राथमिक रूप से बचाव की दृष्टि से देखना जरूरी है।

स्वास्थ्य सुरक्षा: डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता प्राप्त करें। डेंगू के संक्रमण की पहचान और उपचार के लिए डॉक्टर से संपर्क करें।

खुद की देखभाल: डेंगू से पीड़ित व्यक्ति को अपने शरीर की अच्छे से देखभाल करनी चाहिए। पूरी आराम करना, पर्याप्त पानी पीना और डॉक्टर की सलाह का पालन करना चाहिए।


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