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योगी के इस अभियान से 21 माफिया डॉन और उनके 42 सहयोगियों को मिली सजा, पढ़िए स्पेशल डीजी की जुबानी

अपडेट Nov 14, 2023 01:24 pm IST
लखनऊ: डीजीपी मुख्यालय से कड़ी निगरानी के चलते यूपी पुलिस ने सूचीबद्ध माफियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कड़ी सजा दिलाई है। स्पेशल डीजी प्रशांत कुमार कानून व्यवस्था ने बताया कि दिसंबर 2019 और नवंबर 2023 के बीच 47 मामलों में 21 माफिया डॉन और उनके 42 सहयोगियों को दोषी ठहराया गया। दशकों से अपराध की दुनिया में बिल्डर और ठेकेदारों ने खुद को स्थापित कर लिया था। इस गठजोड़ से अवैध संपत्तियों, नकदी की लेने-देने और सरकारी जमीनों पर जबरन कब्जा हो रहा था। 2017 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सत्ता में आने पर इस सांठगांठ को ध्वस्त कर दिया गया।

यूपी पुलिस ने 2019 तक राज्य भर के शीर्ष माफिया सरगनाओं की एक सूची तैयार की। इसमें आकाश जाट, सुंदर भाटी, ध्रुव सिंह, अमित कसाना, अनिल दुजाना, विजय मिश्रा, मुख्तार अंसारी, मारे गए अतीक अहमद और उनके 1,188 लोगों का विस्तारित नेटवर्क शामिल है। सहयोगी। प्रशांत कुमार ने बताया कि इसके बाद विस्तृत डोजियर तैयार किए गए। इसमें 672 मामले दर्ज कर 68 माफिया डॉन और उनके 1,188 सहयोगियों की सूची तैयार की गई है।

पुलिस एनकाउंटर में 16 मारे गए

उन्होंने बताया कि हमने 573 अपराधियों को गिरफ्तार किया और 243 अन्य पर गुंडा एक्ट लगाया। 717 पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। 18 पर एनएसए के तहत मामला दर्ज किया, जबकि 415 के खिलाफ हिस्ट्रीशीट खोली गई। पुलिस के साथ मुठभेड़ में 16 अपराधी मारे गए। अपराधियों के खिलाफ अदालतों में मामले चलाए गए, जिसके परिणामस्वरूप 63 माफिया डॉनों को आजीवन कारावास की सजा मिली, जबकि दो अन्य को मौत की सजा दी गई।

अतीक से लेकर विजय मिश्रा पर भी की कार्रवाई

उन्होंने आगे कहा कि पुलिस द्वारा जिला अधिकारियों के साथ समन्वय में इन गैंगस्टरों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान चलाया गया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने पुलिस जोनल स्तर और उससे नीचे की कार्रवाई की निगरानी की। इसमें 3,676 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई और ध्वस्त कर दी गई। एसडीजी ने कहा कि यूपी पुलिस ने जाति, धर्म और हर स्तर पर माफियों के खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की है। उन्होंने कहा, 'अगर मुख्तार अंसारी और अतीक अहमद के खिलाफ कार्रवाई की गई है तो पूर्व विधायक विजय मिश्रा, रमेश सिंह और सुशील मूंछ समेत कुछ लोगों के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की गई है।'

अवैध कारोबार पर भी कसी नकेल

उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर ईमानदारी से प्रयास किए गए हैं और सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराने के लिए पूरी स्वतंत्रता दी गई है। कोयले के अवैध कारोबार में शामिल माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई है। टेंडर, फर्म और चलाने वालों पर भी गहन कार्रवाई की गई है। सूचीबद्ध माफिया गिरोहों के नाम पर अवैध कारोबार करने वालों के लाइसेंस निलंबित करके और उनकी संपत्तियों को कुर्क की गई है।


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