तेल अवीव: मध्य पूर्व के देशों में जबरदस्त हलचल है। कोई न कोई देश किसी न किसी सैन्य संघर्ष में उलझा हुआ है। चाहें वह सऊदी अरब हो या फिर सीरिया। इजरायल गाजा संघर्ष को पूरी दुनिया करीब से देख ही रही है। सीरिया तो वैश्विक महाशक्तियों के बीच जंग का मैदान बना हुआ है। कभी अमेरिका तो कभी रूस तो कभी इजरायल। जब भी जिस देश का मन करता है, वह सीरिया पर हमला कर देता है। यमन में हूती विद्रोही एक अलग संकट हैं, जिसमें सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात उलझे हुए हैं। ईराक भी अमेरिका और ईरान के बीच एक अलग युद्ध क्षेत्र है, जहां कभी अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तो कभी ईरानी मिलिशिया पर हमले होते रहते हैं। लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह भी इजरायल के लिए एक बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
इजरायल-फिलिस्तीन संघर्ष अपने चरम पर
7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इजरायल ने गाजा पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इजरायली सेना ने गाजा में कम से कम 10000 से अधिक जगहों पर भीषण बमबारी की है, जिसमें लगभग 5000 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाए हैं। इजरायल का तर्क है कि वह गाजा में हमास के ठिकानों को बमबारी में निशाना बना रहा है। इजरायल ने दो टूक कहा है कि वह गाजा से हमास आतंकियों के खात्मे तक अपने अभियना को नहीं रोकेगा। हमास ने इजरायल के 229 नागरिकों को बंधक बनाया हुआ है। इसके अलावा हमास के हमलों में 1400 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत भी हो चुकी है।
सीरिया बना जंग का मैदान
एक दिन पहले ही अमेरिका ने सीरिया में ईरान समर्थिक मिलिशिया को निशाना बनाया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के कार्यालय पेंटागन ने बताया कि ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़े ठिकानों पर शुक्रवार तड़के हवाई हमले किए गए। ये हवाई हमले क्षेत्र में गत सप्ताह अमेरिकी सैन्य अड्डों और कर्मियों पर किए ड्रोन तथा मिसाइल हमलों के जवाब में किए गए। मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप में दो संदिग्ध वस्तुओं से हमले किये गये हैं, जिसके कारण तीन सप्ताह से जारी युद्ध में तनाव और बढ़ गया है। सीरिया में इजरायल भी लगातार हमले कर रहा है। रूसी सेना भी सीरिया में मौजूद है और असद सरकार को समर्थन दे रही है।
7 अक्टूबर को हमास के हमले के बाद से इजरायल ने गाजा पर जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। इजरायली सेना ने गाजा में कम से कम 10000 से अधिक जगहों पर भीषण बमबारी की है, जिसमें लगभग 5000 लोगों की मौत हो चुकी है। मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाए हैं। इजरायल का तर्क है कि वह गाजा में हमास के ठिकानों को बमबारी में निशाना बना रहा है। इजरायल ने दो टूक कहा है कि वह गाजा से हमास आतंकियों के खात्मे तक अपने अभियना को नहीं रोकेगा। हमास ने इजरायल के 229 नागरिकों को बंधक बनाया हुआ है। इसके अलावा हमास के हमलों में 1400 से अधिक इजरायली नागरिकों की मौत भी हो चुकी है।
सीरिया बना जंग का मैदान
एक दिन पहले ही अमेरिका ने सीरिया में ईरान समर्थिक मिलिशिया को निशाना बनाया है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय के कार्यालय पेंटागन ने बताया कि ईरान की रेवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़े ठिकानों पर शुक्रवार तड़के हवाई हमले किए गए। ये हवाई हमले क्षेत्र में गत सप्ताह अमेरिकी सैन्य अड्डों और कर्मियों पर किए ड्रोन तथा मिसाइल हमलों के जवाब में किए गए। मिस्र के सिनाई प्रायद्वीप में दो संदिग्ध वस्तुओं से हमले किये गये हैं, जिसके कारण तीन सप्ताह से जारी युद्ध में तनाव और बढ़ गया है। सीरिया में इजरायल भी लगातार हमले कर रहा है। रूसी सेना भी सीरिया में मौजूद है और असद सरकार को समर्थन दे रही है।
इराक में अमेरिका-ईरान आमने सामने
इराक शुरू से ही ईरान और अमेरिका के बीच जंग का मैदान बना हुआ है। इसी देश में अमेरिका ने ईरानी सेना के टॉप कमांडर कासिम सुलेमानी को मार गिराया था, जिसके बाद ईरान ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ डेथ वारंट जारी किया था। इराक में ईरान समर्थिक मिलिशिया का काफी ज्यादा प्रभुत्व है। ये मिलिशिया अक्सर अमेरिकी दूतावास और सैन्य अड्डे को निशाना बनाते रहते हैं। अमेरिका भी जवाबी कार्रवाई में इन मिलिशिया के ठिकानों पर हमला करता है।