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हमारे यहां ओपिनियन मेकर एक ही चीज के रीलॉन्‍च री-रीलॉन्‍च में ब‍िजी रहते हैं...', पीएम मोदी ने किस पर कसा तंज

अपडेट Feb 18, 2023 06:30 pm IST
नई दिल्‍ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर इशारों-इशारों में तंज कसा है। शुक्रवार को पीएम ईटी ग्‍लोबल बिजनस समिट में पहुंचे थे। उन्‍होंने समिट की थीम का जिक्र कर राहुल गांधी का बिना नाम लिए चुटकी ली। वह बोले हमारे यहां तो ज्‍यादातर ओपिनियन मेकर हर छह महीने में एक ही प्रोडक्‍ट के रीलॉन्‍च, री-रीलॉन्‍च में बिजी रहते हैं। उनके यह कहने पर सम्‍मेलन में शिरकत करने पहुंचे लोग हंस-हंसकर तालियां बजाने लगे। सरकार को घेरने के लिए कांग्रेस के पूर्व अध्‍यक्ष राहुल गांधी तकरीबन हर मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं। पीएम मोदी ने बिना नाम लिए बातों-बातों में उन्‍हें सुना दिया। इस दौरान पीएम ने अपने चिर-परिचित अंदाज में कई और मुद्दों पर भी कांग्रेस को आड़े हाथों लिया।

ईटी ग्‍लोबल बिजनस समिट-2023 की थीम 'रीइमैजिन बिजनस रीइमैजिन द वर्ल्‍ड' है। इस थीम का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि यह रीइमैजिन वाली थीम सिर्फ दूसरों के लिए है या फिर ओपिनियन मेकर्स के लिए भी है। यह देखना होगा कि वे इसे कैसे लागू करेंगे।
मुस्‍कुराते हुए कही रीलॉन्‍च वाली बात
इसके बाद पीएम ने इशारों में कहा कि हमारे यहां तो ज्‍यादातर ओपिनियन मेकर्स हर छह महीने में एक ही प्रोडक्‍ट के रीलॉन्‍च, री-रीलॉन्‍च में बिजी रहते हैं। इस रीलॉन्‍च में भी वो रीइमैजिनेशन नहीं करते हैं। जब उन्‍होंने यह बात कही तो ज्‍यादातर लोगों ने उनका इशारा समझ लिया। पीएम मुस्‍कुराते हुए बोले- यहां काफी समझदार लोग बैठे हैं।
चुटीले अंदाज में कांग्रेस पर साधा न‍िशाना
पीएम ने कहा कि वैसे यह थीम आज के समय में काफी प्रासंगिक है। 2014 में जब जनता ने हमें सेवा का मौका दिया तो हमने पहला काम यही किया कि रीइमैजिन करें। 2014 में स्थिति यह थी कि लाखों-करोड़ों के घोटालों की वजह से देश की साख दांव पर लगी थी। भ्रष्‍टाचार की वजह से गरीब अपने हक की चीजों के लिए भी तरस रहा था। युवाओं की आकांक्षाएं परिवारवाद और भाई-भतीजावाद की बलि चढ़ रहे थे। पॉलिसी पैरालिसिस की वजह से इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍टों को पूरा होने में बरसों की देरी हो रही थी। ऐसी सोच और एप्रोच के साथ देश का आगे बढ़ना मुश्‍किल था। इसलिए तय किया गया कि गवर्नेंस के हर एलिमेंट को रीइमैजिन करेंगे और रीइनवेंट करेंगे। सरकार रीइमैजिन किया कि वेलफेयर डिलीवरी को कैसे सुधारा जाए। यह भी इमैजिन किया गया कि सरकार कैसे ज्‍यादा एफिशिएंट तरीके से इंफ्रास्‍ट्रक्‍चर प्रोजेक्‍ट बना सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि लोगों का इंटरनेट कनेक्टिविटी, स्‍वच्‍छ ईंधन जैसी चीजें मिलें, पहले इसकी जरूरत नहीं समझी जाती थी। इस सोच को बदला जाना जरूरी थी। पूर्व की सरकारों पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने कहा कि पहले गरीबी हटाने की बातें जरूर होती थीं। लेकिन, सच यह है कि पहले गरीबों को देश पर बोझ माना जाता था।

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