मेनू

बरसते बम-रॉकेट के बीच अपने राष्ट्रपति को कैसे सुरक्षा देगा अमेरिका, इजरायल के आसमान में होगा बाइडन का प्लेन

अपडेट Oct 18, 2023 01:50 pm IST
वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्‍ट्रपति जो बाइडन आज एयरफोर्स वन पर सवार होकर इजरायल की राजधानी तेल अवीव पहुंचने वाले हैं। बाइडन ऐसे समय में इजरायल में होंगे जब चारों तरफ से गोला बारूद बरस रहा है। सात अक्‍टूबर को हमास के हमले के बाद से ही इजरायल और गाजा में हालात बेहद खराब हैं। अब तक दोनों तरफ करीब चार हजार से ज्‍यादा लोगों की मौत हो चुकी है। दोनों तरफ से रॉकेट्स की बौछार हो रही है। ऐसे में बाइडन का दौरा न सिर्फ इजरायल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) बल्कि अमेरिकी सेनाओं के लिए भी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।

5000 सैनिक मुस्‍तैद
बाइडन जिस समय तेल अवीव में उतरेंगे उस समय मध्य पूर्व में 2000 अमेरिकी सैनिकों, 2400 नौसैनिकों और 13 युद्धपोतों के एक पूरे नेटवर्क ने इजरायल की घेराबंदी की होगी। सिर्फ इतना ही नहीं पेंटागन ने करीब 2000 सैनिकों को सूचित होने पर 24 घंटों के भीतर तैनात करने के लिए तैयार रहने को कहा है। एबीसी न्‍यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक बाइडन से पहले जितने भी अमेरिकी राष्‍ट्रपतियों ने युद्धग्रस्‍त क्षेत्रों का दौरा किया, वो सभी चुपचाप यानी कोवर्ट ऑपरेशन के तहत हुए। पूर्व राष्‍ट्रपति जॉर्ज बुश, बराक ओबामा और डोनाल्‍ड ट्रंप, इराक और अफगानिस्‍तान यूएस सीक्रेट सर्विस की तरफ से चुपचाप हुई प्‍लानिंग के बाद दौरे पर पहुंचे थे। लेकिन बाइडन का दौरा सार्वजनिक ऐलान के साथ हो रहा है। जानकार इसे बहुत ही असाधारण करार दे रहे हैं और इसे काफी खतरनाक भी बता रहे हैं।

ऐलान के साथ ही तैयारियां शुरू
खतरे को संभालने के लिए, सीक्रेट सर्विस को व्हाइट हाउस के कर्मचारियों, राजनयिक सुरक्षा सेवा के एजेंटों, अमेरिकी दूतावास और इस मामले में, उनके विदेशी समकक्षों - शिन बेट जो इजरायल की की सुरक्षा एजेंसी है, उसके साथ सक्रिय तौर पर काम कर रहे हैं। शिन बेट को आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन के लिए जाना जाता है। साथ ही इस पर इजरायल के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को सुरक्षा देने का भी जिम्‍मा है। ऐसे में शिन बेट के जासूस निश्चित तौर पर राष्ट्रपति बाइडन के दौरे पर उसी सुरक्षा के तहत तैनात रहेंगे। बाइडन के दौरे के ऐलान के साथ ही सीक्रेट सर्विस एजेंट्स ने राष्‍ट्रपति के हर कदम की योजना बनानी शुरू कर दी थी।

इमरजेंसी में कैसे निकलेंगे बाइडन
सीक्रेट सर्विस पहले भी राष्‍ट्रपतियों को इजरायल और वेस्ट बैंक दोनों जगहों पर लेकर गई है। इन दोनों ही जगह फिलिस्‍तीन लिब्रेशन ऑर्गनाइजेशन (पीएलओ) के शासन में आती हैं। ये यात्राएं हमेशा ही अनोखी रही हैं क्‍योंकि शांतिपूर्ण परिस्थितियों में भी, इस पूरे क्षेत्र पर खतरा मंडराता रहता है। सीक्रेट सर्विस एजेंट्स एयर फोर्स वन और मरीन हेलीकॉप्‍टर स्क्वाड्रन वन के साथ, क्षेत्र में बाइडन की यात्रा के लिए जरूरी सीक्रेट सर्विस प्‍लानिंग का अहम हिस्‍सा है। सीक्रेट सर्विस एजेंट इन यूनिट्स के साथ राष्‍ट्रपति बाइडन को ले जाने वाले मिलिट्र एयरक्राफ्ट के आसपास हवाई सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्र से उन्हें निकालने की आकस्मिक योजना को लेकर भी आपस में को-ऑर्डिनेट करेंगे।

हवाई सुरक्षा कैसी
दोनों तरफ होती रॉकेट के बौछार वाले खतरे की वजह से हवाई सुरक्षा बहुत सख्‍त रहेगी। स्पेशल ऑपरेशंस डिवीजन में सीक्रेट सर्विस एयरस्पेस सिक्योरिटी ब्रांच को इजरायली और अमेरिकी सैन्य बलों के साथ काम करने का काम सौंपा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि राष्‍ट्रपति के उड़ान वाली जगह पर एक हवाई सुरक्षा पहले से तैनात हो। आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्‍टम एयरफोर्स की लैंडिंग वाली जगह के करीबी ही तैनात कर दिए गए हैं।


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

विज्ञापन

Advertisement