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मैं भी मीराबाई बनना चाहती हूँ

अपडेट Feb 02, 2023 05:14 pm IST

आकांक्षा व्यवहारे की उम्र सिर्फ 14 साल है लेकिन उनके हौसले बहुत बड़े हैं। अपनी वेट कैटेगरी में कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद टॉप डेवलपमेंट लिस्ट में नाम दर्ज करा चुकी आकांक्षा पहली बार खेलो इंडिया यूथ गेम्स में खेलने के लिए तैयार हैं। राष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीत चुकी आकांक्षा इस प्लेटफार्म का पहली बार उपयोग करने को लेकर काफी उत्साहित और रोमांचित हैं।

भारत की ओलिंपिक पदकधारी वेटलिफ्टर मीराबाई चानू की राह पर चलने की इच्छा रखने वाली आकांक्षा मनमाड़ में अभ्यास करती हैं। वे अपने देश के लिए पदक जीतना चाहती हैं। आकांक्षा ने कहा - मैं मीराबाई चानू की तरह बनना चाहती हूँ। इस मुकाम पर पहुँचने के लिए उन्होंने बहुत मेहनत और कई त्याग किए हैं।

खेलो इंडिया के लिए साई रिजनल सेंटर औरंगाबाद में प्रेक्टिस कर रहीं आकांक्षा ने बताया कि अपनी प्रेरणास्रोत मीराबाई से एक बार इंटरनेशनल के लिए जाते वक्त मेरी मुलाकात हुई थी। उन्होंने कहा था कि तुम अच्छा कर रही हो। इसी तरह मेहनत करती रहो। सिर्फ और सिर्फ अपने खेल पर ध्यान लगाओ।

आकांक्षा ने छोटी सी उमर में ढेर सारी सफलता हासिल की है। मार्च 2022 में ओडिशा नेशनल्स में हिस्सा लिया था और 40 किग्रा कैटेगरी में 6 नेशनल रिकॉर्ड बनाए थे। साथ ही गोल्ड भी जीता था। अगस्त 2022 में पटियाला में हुए नेशनल्स में 40 किग्रा कैटेगरी में उन्हें गोल्ड मिला था।

वर्ष 2022 में ही मैक्सिको में इंटरनेशनल इवेंट में ओवर ऑल सिल्वर और स्नैच में गोल्ड जीता था। स्नैच में नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया। एशियन यूथ एंड जूनियर चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल जीता था। उस समय मैंने क्लीन एंड जर्क में 70 किग्रा का नेशनल रिकॉर्ड भी बनाया।

आकांक्षा बताती है कि मौजूदा समय में स्नैच में 60 किग्रा तथा क्लीन एंड जर्क में 71 किग्रा का नेशनल रिकॉर्ड है, जो मैंने मोदीनगर में खेलो इंडिया रैंकिंग चैंपियनशिप में बनाया था। साथ ही 40 किग्रा कैटेगरी में 131 किग्रा का नेशनल रिकॉर्ड है।

बीते साल टाप्स में आने वाली आकांक्षा मानती हैं कि इस सूची में आने के बाद उनकी जिम्मेदारियाँ बढ़ गई हैं। उन्होंने कहा कि मेरा भी पहला खेलो इंडिया है लेकिन मैं इंटरनेशनल और नेशनल में कई बार खेल चुकी हूँ। पहली बार खेलते हुए थोड़ी दिक्कत होती है। कई बार खिलाड़ी अच्छा नहीं कर पाते या कैटेगरी चेंज करने से एडजस्ट नहीं कर पाते। इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। अपना बेस्ट देने का प्रयास करें।

तमिलनाडु में नेशनल चैंपियनशिप में पहली बार 45 किग्रा केटेगरी में खेलने वाली आकांक्षा के मुताबिक खेलो इंडिया इंटरनेशनल स्तर का प्लेटफार्म लगता है। पहली बार इंदौर आने को लेकर उत्साहित आकांक्षा ने कहा कि खेलो इंडिया के दौरान सुविधाएँ बहुत शानदार होती हैं और कॉम्पटीशन का स्तर अच्छा होता है। मैं भी इस वातावरण का अनुभव करने के लिए उत्साहित और रोमांचित हूँ।


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