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हमास को मुंहतोड़ जवाब दे रहा इजरायल, अमेरिका से मांगे हथियार, भारत उतारेगा कारगिल का 'अहसान'!

अपडेट Oct 09, 2023 04:03 pm IST
तेलअवीव: हमास ने इजरायल पर मुंबई हमलों जैसा भीषण आतंकी हमला किया है। हमास के आतंकी इजरायल में जमीन, हवा और समुद्र से घुस आए हैं और अभी भी कई मोर्चों पर लड़ाई जारी है। इस बीच इजरायल के 1 लाख सैनिक गाजा की सीमा पर तैनात हैं और कभी भी हमास पर धावा बोल सकते हैं। इस बीच इजरायल ने अमेरिका से हथियारों की मदद मांगी है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने कहा है कि वह इजरायल को घातक गोला बारूद भेज रहा है। अमेरिका का सबसे घातक एयरक्राफ्ट कैरियर भी इजरायल के पास पहुंच रहा है। इजरायल भारत का अभिन्‍न मित्र है और हर संकट में भारत के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहता है। इजरायल ने भारत को कारगिल युद्ध के दौरान बंकर को तबाह करने वाले बम दिए थे और इसके बाद भारत ने पाकिस्‍तानी सेना को खदेड़ने में सफलता हासिल की थी। ऐसे में अ‍ब सवाल उठ रहा है कि क्‍या भारत अपने दोस्‍त को हथियार भेजेगा...

ईरान, हिज्‍बुल्‍ला और सीरिया के हमले के खतरे के बीच अमेरिका ने महाविनाशक युद्धपोत यूएसएस गेरार्ल्‍ड फोर्ड और 5 गाइडेड मिसाइल क्रूजर तथा डेस्‍ट्राॅयर भेजे हैं। ये सभी अभी भूमध्‍यसागर में हैं। अब इन्‍हें इजरायल के पास भेजा जा रहा है। यही नहीं अमेरिकी रक्षा मंत्री ने कहा है कि अमेरिका अपने घातक फाइटर जेट और हमलावर विमानों को इस इलाके में बढ़ा रहा है ताकि क्षेत्रीय प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा दिया जा सके। उनके मुताबिक, यह बताता है कि अमेरिका, इजरायल के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। इससे पहले जो बाइडन और इजरायल के पीएम नेतन्‍याहू के बीच रविवार को बातचीत हुई थी और सैन्‍य रशद को तत्‍काल रवाना कर दिया गया था।

इजरायल और हमास का युद्ध लंबा खिंचेगा


इजरायल अपने आयरन डोम सिस्‍टम के लिए अमेरिका से मिसाइलें मांग रहा है। इसके अलावा गोला बारूद भी इजरायल ने अमेरिका से मांगे हैं। अमेरिका ने कहा है कि सेना की तैनाती का उद्देश्‍य ईरान, सीरिया और अन्‍य देशों या आतंकी गुटों को इस भीषण संघर्ष में शामिल होने से रोकना है। इसके अलावा अमेरिकी नागरिकों की रक्षा के लिए पर्याप्‍त युद्धपोत मुहैया कराना है। विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायल और हमास के बीच यह युद्ध अभी बहुत लंबा खिंचने जा रहा है। खुद नेतन्‍याहू ने भी माना है कि यह युद्ध लंबा और चुनौतीपूर्ण होगा। इससे आशंका जताई जा रही है कि इजरायल को अभी और ज्‍यादा हथियारों की जरूरत पड़ने जा रही है।

इजरायल के हथियारों से लैस भारतीय सेना


ऐसे में कई विशेषज्ञ भारत को यह सलाह दे रहे हैं कि वह तत्‍काल अपने हथियारों के भंडार को बढ़ाए और उनके उत्‍पादन को भी तेज करे। अगर कोई आपात स्थिति आती है तो इजरायल को निर्यात भी कर सकता है। भारत और इजरायल के बीच रक्षा संबंध बहुत ही मजबूत हैं। इजरायल भारत को हथियार देने वाले टॉप 3 देशों में आता है। भारत इजरायल से मिसाइलों से लेकर जासूसी के उपकरण तक खरीदता है। भारत ने जिस स्‍पाइस बम से बालाकोट में हमला किया था, वह इजरायल का बनाया हुआ है। भारत ने इजरायल बड़े पैमाने पर राइफल खरीदा है। भारत के पास मौजूद सर्चर और हेरोन ड्रोन को इजरायल ने ही बनाया है। इसके अलावा बराक एंटी मिसाइल सिस्‍टम भी इजरायल के सहयोग से बनाया गया है।

कारगिल युद्ध में इजरायल ने निभाई थी भारत से दोस्‍ती


इजरायल ने भारत को आवाक्‍स निगरानी विमान दिया है जिससे भारत दुश्‍मन के घर में आसानी से नजर रख पाता है। साल 1999 में जब कारगिल की चोटियों पर पाकिस्‍तानी सैनिकों ने अड्डा जमा लिया था, तब इजरायल ने ही भारत को बंकर तबाह करने वाले बम दिए थे। भारत के फाइटर जेट ने जब पाकिस्‍तानी बंकरों पर इन्‍हें गिराया तो उन्‍हें भागने के लिए मजबूर होना पड़ा। इजरायल ने अपने आपातकालीन जखीरे से भारत को ये बम दिए थे जो दोनों देशों के बीच दोस्‍ती को दर्शाता है। पीएम मोदी के सत्‍ता में आने के बाद दोनों देशों के बीच दोस्‍ती एक नई ऊंचाई पर पहुंची है। ऐसे में अब भारत पर सबकी नजरें टिकी रहेंगी। पीएम मोदी ने इस हमले को आतंकी घटना बताकर अपने इरादे साफ कर दिए हैं।

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