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अमेरिका में भारतीय काउंसलेट पर खालिस्‍तानियों का हमला, भारी तोड़फोड़, अमृतपाल पर ऐक्‍शन से बौखलाए

अपडेट Mar 20, 2023 07:06 pm IST
सैनफ्रांसिस्‍को: खालिस्‍तान समर्थक अमृतपाल सिंह के खिलाफ पंजाब पुलिस के ऐक्‍शन खालिस्‍तानी बौखला गए हैं। ब्रिटेन के लंदन शहर में भारतीय उच्‍चायोग से झंडा उतारने की कायराना हरकत के बाद अब अमेरिका के सैनफ्रांसिस्‍को शहर में खालिस्‍तानियों ने हमला किया है। खाल‍िस्‍तान समर्थकों ने सैनफ्रांसिस्‍को के भारतीय वाणिज्‍य दूतावास में भारी तोड़फोड़ किया। खालिस्‍तानियों ने पहले भारतीय महावाणिज्‍य दूतावास के बाहर प्रदर्शन किया और अपने झंडे लगाए। भारतीय अधिकारियों ने इन झंडों को हटाया तो उन्‍होंने हमला कर दिया।

इस घटना के वायरल वीडियो में नजर आ रहा है कि जब भारतीय अधिकारियों ने काउंसलेट की बिल्डिंग में लगाए गए खालिस्‍तान के झंडे को हटाया तो वे बौखला गए और हमला करना शुरू कर दिया। लाठी, डंडे और तलवार से लैस खालिस्‍तानियों ने काउंसलेट की बिल्डिंग में लगे शीशे तोड़ दिए और जमकर तोडफोड़ की। ये खालिस्‍तानी काउंसलेट के बाहर बड़ी तादाद में इकट्ठा थे और नारेबाजी कर रहे थे। खालिस्‍तानियों को रोकने में सैन फ्रांसिस्‍को की पुलिस नाकाम साबित हुई।

ब्रिटेन में भी खालिस्‍तानियों ने किया हमला


इससे पहले खालिस्तानी झंडे लहराते हुए और खालिस्तानी समर्थक नारे लगाते हुए प्रदर्शनकारियों के एक समूह ने लंदन में भारतीय उच्चायोग के ऊपर फहराए गए तिरंगे को रविवार शाम उतारने का प्रयास किया। उच्चायोग के अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शनकारियों का यह प्रयास नाकाम रहा और तिरंगा शान से लहरा रहा है। लंदन पुलिस ‘स्कॉटलैंड यार्ड’ ने कहा कि उसे इलाके में हुई एक घटना की जानकारी मिली है लेकिन उसने अभी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

इस बीच, भारत ने अपने उच्चायोग की सुरक्षा को लेकर ब्रिटिश सरकार के सामने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया और परिसर में समुचित सुरक्षा व्यवस्था की कमी पर सवाल उठाया। टूटी हुई खिड़कियों और ‘इंडिया हाउस’ की इमारत पर चढ़ने वाले लोगों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आई हैं। घटनास्थल के वीडियो में एक भारतीय अधिकारी उच्चायोग की पहली मंजिल की खिड़की से एक प्रदर्शनकारी से झंडा पकड़ता हुआ दिख रहा है, जबकि प्रदर्शनकारी खालिस्तान का झंडा लहराता दिख रहा है।

‘जनमत संग्रह' आयोजित कर रहा सिख फॉर जस्टिस


विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘ब्रिटेन से सुरक्षा व्यवस्था की गैरमौजूदगी के लिए स्पष्टीकरण की मांग की गई, जिससे ये तत्व उच्चायोग परिसर में दाखिल हुए। इस संबंध में उन्हें विएना कन्वेंशन के तहत ब्रिटेन सरकार के बुनियादी दायित्वों की याद दिलाई गई।’ पंजाब में खालिस्तान समर्थक नेता अमृतपाल सिंह पर कार्रवाई के बीच प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख फॉर जस्टिस, तथाकथित ‘जनमत संग्रह 2020’ आयोजित कर रहा है।

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