पटना : जेडीयू और महागठबंधन का साथ छोड़ने के बाद जीतन राम मांझी (Jitan Ram Manjhi) अब बीजेपी का दामन थामने वाले हैं। इस बात पर अब मुहर लगती नजर आ रही है। इसके लिए जीतन मांझी ने लगभग पूरी जमीन तैयार कर ली है। संभावना जताई जा रही है कि आज उनकी मुलाकात गृहमंत्री अमित शाह (Amit Shah) से होने वाली है। इसके लिए वो आज शाम दिल्ली रवाना होने वाले हैं। इससे पहले आज जीतन मांझी राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में हिस्सा लेंगे। जिसकी अध्यक्षता हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार मांझी करेंगे।इसलिए दिल्ली जा रहे मांझी
HAM कार्यकारिणी की बैठक पटना में जीतन मांझी के सरकारी आवास पर होने जा रही है। हालांकि हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा पहले से ही बीजेपी के साथ गठजोड़ का मन बना चुकी थी। जिसके लिए मांझी ने महागठबंधन से 5 सीटों की डिमांड की थी। आज कार्यकारिणी की बैठक में बीजेपी के साथ गठजोड़ की आम सहमति बनाने का फैसला लिया जाएगा।
बीजेपी के 'चाणक्य' से मांझी की मुलाकात
नीतीश कुमार के साथ जीने मरने की कसम खाने वाले जीतन राम मांझी ने वादा तोड़ते हुए बीजेपी के साथ जाने का मन बना लिया है। अमित शाह से मुलाकात कर सकते हैं। जीतन मांझी आज शाम दिल्ली रवाना हो रहे हैं। उनकी मुलाकात गृहमंत्री अमित शाह से होनी तय हुई है। इससे पहले से ही जीतन मांझी बीजेपी में शामिल होने का मन बना चुके थे। यह बात तब ही उजागर हो गई थी जब उन्होंने दशरथ मांझी के बेटे और अन्य बिहार के लोगों को भारत रत्न दिलाने की आड़ में गृहमंत्री से मुलाकात की थी। जीतन मांझी की ये गृहमंत्री अमित शाह से दूसरी मुलाकात होनी है।
लंबे समय से महागठबंधन को दे रहे थे धोखा!
उधर, जेडीयू का आरोप है कि जीतन राम मांझी लंबे समय से महागठबंधन और नीतीश कुमार को धोखा दे रहे थे। मांझी ने अमित शाह से इससे पहले भी मुलाकात की थी। नाराजगी जाहिर करते हुए जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि जब हमारे नेता दिल्ली में विपक्षी एकता को मजबूत करने की कोशिश कर रहे थे। वह राहुल गांधी, मलिकार्जुन खरगे और केजरीवाल से मुलाकात कर रहे थे। तब जीतन राम मांझी बीजेपी के साथ गले मिल रहे थे। तभी से यह माना जा रहा था जीतन राम मांझी कभी भी महागठबंधन का साथ छोड़ सकते हैं इसीलिए उन्हें मर्जर या उन्हें पार्टी से अलग होने का विकल्प दिया गया।
बीजेपी से डील करने में लगे जीतन मांझी
माना जा रहा कि जीतन राम मांझी आज एक बार फिर से गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उस डील को पक्की करेंगे। जिसके तहत उन्होंने 2 लोकसभा सीट और एक विधान परिषद की सीट मांगी है। वहीं राजनीतिक जानकारों का आकलन ये भी है कि जीतन मांझी अपना और अपने बेटे दोनों का राजनीतिक करियर सेट करने के लिए एक लोकसभा सीट अपने बेटे के लिए और अपने लिए राज्यपाल पर डील कर सकते हैं। हालांकि अभी स्पष्ट तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता है लेकिन राजनीतिक कयास जरूर लगाए जा रहे हैं।