इस अवसर पर विजय स्तंभ की स्थापन कर पूजा अर्चना की गई।देवी देवताओं की स्तम्भ परिक्रमा एवं पूजा कार्यक्रम में उपस्थित रह कर लोगो का अभिवादन किया।
देवी के गीतों व वाद्य यंत्रो पर स्वयं को मंत्री थिरकने से रोक नही पाये ओर इसके साथ ही आदिवासी रीति रिवाज के तहत स्वयं पर काटा मुंद्रा (कोड़ा ) मार कर झूमते हुए दिखे।