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मुल्ला जनरल ने पाकिस्तानी सेना को मजहबी दस्ते में बदल द‍िया, आसिम मुनीर ने कैसे कराई पाकिस्‍तान की इंटरनेशनल बेइज्जती, जानें

अपडेट May 15, 2025 02:10 pm IST
इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना ने कभी अपने इस्लामी आधार को लेकर कभी कोई संकोच नहीं दिखाया है। पाकिस्तानी सेना के भारत के खिलाफ हालिया ऑपरेशन 'बुनयान उल मरसूस' का नाम इसका ताजा उदाहरण है। इसे कुरान की एक आयत से लिया गया है। पाकिस्तान सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ ने जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने इस्लाम न केवल सैनिकों के विश्वास का अभिन्न अंग है, बल्कि सेना के प्रशिक्षण का भी हिस्सा है। पाकिस्तानी सेना के इस कबूलनामे ने वर्दीधारी सैनिकों और बिना वर्दीधारी जेहादियों, जैसे जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबार के बीच किसी भी अंदर को खत्म कर दिया है। इस दौरान उन्होंने कहा हमारे पास एक सेना प्रमुख है, जिसका इसमें दृढ़ विश्वास है।

अहमद शरीफ बात कर रहे थे, पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल सैयद आसिम मुनीर की, जिन्हें कट्टर इस्लामी सोच से प्रेरित होने के चलते मुल्ला जनरल भी कहा जाता है। दक्षिण एशिया के भू-राजनीतिक पटल पर पाकिस्तान के वर्तमान सेनाध्यक्ष आसिम मुनीर की तरह विवादास्पद या धार्मिक रूप से प्रेरित व्यक्ति बहुत ही कम हैं। गहरी धार्मिक आस्था वाले मुनीर ने केवल एक सैन्य नेता के रूप में ही नहीं, बल्कि एक धार्मिक नेता के रूप में भी छवि बनाई है।

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