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लापरवाही:60 % कचरा वाहनों के GPS बंद गली-मोहल्लों में गंदगी के ढेर

अपडेट Nov 17, 2022 05:07 pm IST

स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर में शत प्रतिशत कचरा कलेक्शन और वाहनों की रियल टाइम मानीटरिंग के लिए जीपीएस सिस्टम लगाए गए थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से 60 प्रतिशत कचरा वाहनों के जीपीएस बंद पड़े हैं। इससे इनकी आॅनलाइन मानीटरिंग नहीं हो पा रही है। वहीं शहर के गली-मोहल्लों समेत प्रमुख चौराहों पर कचरे का ढेर लगे देखे जा सकते हैं। कई दिनों तक ऐसे ही पड़े रहने के बावजूद इसे उठाया नहीं जाता है। वहीं, कचरा वाहनों के चालक डीजल बचाने के लिए मनमाने रूट पर वाहन दौड़ा रहे हैं। नगर निगम द्वारा 715 कचरा वाहनों में जीपीएस लगाने और इसकी मानीटरिंग का काम निजी कंपनी को सौंपा गया था। इनमें 432 डोर टू डोर कचरा कलेक्शन और 283 रोड स्वीपिंग वाहन शामिल थे, लेकिन इनका मेंटेनेंस नहीं होने से 60 प्रतिशत कचरा वाहनों में ही जीपीएस सिस्टम काम नहीं कर रहा।

डिवाइस भी गायब
निगम के डीजल टैंक से र्इंधन चोरी रोकने के लिए सभी कचरा वाहनों की टंकियों में रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटिफिकेशन डिवाइस लगाए गए थे। इस तकनीक से कचरा वाहनों का टैंक का ढक्कन डीजल टैंक के नोजल ही खुलता था। यदि कोई ढक्कन में छेड़छाड़ करता तो अधिकारियों के मोबाइल पर मैसेज पहुंच जाता था, लेकिन मानीटरिंग नहीं होने से वाहन चालकों ने इसे भी उखाड़ फेंका।

कंपनी को दिए हैं निर्देश
अधिकतर वाहनों में जीपीएस सिस्टम ठीक है। कुछ वाहनों के जीपीएस बंद होने की सूचना मिली है। इनका सुधार करने के लिए संबंधित कंपनी को निर्देश दिए गए हैं।

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