काठमांडू : नेपाल में कल गुरुवार और शुक्रवार के बीच की रात खौफ में बीती। एक के बाद भूकंप के दो झटकों ने लोगों को रातभर जगाए रखा। बीती देर रात नेपाल में भूकंप के दो झटके महसूस किए गए जिनका केंद्र बाजुरा के दाहाकोट में था। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार पहला भूकंप 4.9 और दूसरा 5.9 तीव्रता का था। न्यूज एजेंसी एएनआई ने नेपाल के भूकंप विज्ञान केंद्र के राजेश शर्मा के हवाले से बताया कि पहला भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 11:58 बजे और दूसरा देर रात 1:30 बजे आया। फिलहाल भूकंप में किसी तरह के नुकसान या हताहत की कोई सूचना नहीं है।
नेपाल में अक्सर भूकंप आते रहते हैं जिसके झटके दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भी महसूस किए जाते हैं। अक्सर दिल्ली में महसूस किए जाने वाले झटकों का केंद्र नेपाल में होता है। यहां 25 अप्रैल 2015 को एक विनाशकारी भूकंप आया था जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 7.8 मापी गई थी। इस भूकंप में भारी तबाही हुई थी और हजारों लोग मारे गए थे। यह 1932 के बाद से नेपाल में आया सबसे विनाशकारी भूकंप था।
हिमालयी क्षेत्र में बड़े भूकंप की आशंका
हिमालय की गोद में बसे नेपाल में भूकंप आने के पीछे सबसे बड़ा कारण भारत और यूरेशियन टेक्टॉनिक प्लेटों में होने वाला टकराव है। इस टकराव की वजह से ही हिमालय में भूस्खलन होते रहते हैं। टेक्टॉनिक प्लेटों के टकराने से हिमालय की कई चोटियां ऊंची होती जा रही हैं। हर साल हिमालय करीब पांच मिमी ऊंचा हो जाता है। फिलहाल वैज्ञानिक किसी भूकंप की भविष्यवाणी करने में सक्षम नहीं हैं लेकिन उनका मानना है कि हिमालयी क्षेत्र में एक बड़ा भूकंप आ सकता है।