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एमपी में आउटसोर्स कर्मियों का नया पोर्टल ROMS विवादों में, संगठनों ने कहा- पोर्टल बदला है, कर्मचारियों की किस्मत नहीं

अपडेट Apr 13, 2026 12:14 pm IST

भोपाल। मध्यप्रदेश के सरकारी विभागों में आउटसोर्स कर्मचारियों के प्रबंधन के लिए वित्त विभाग ने नया रिसोर्स आउटसोर्सिंग एजेंसी मैनेजमेंट सिस्टम (आरओएमएस) पोर्टल शुरू किया है, लेकिन इसे लेकर अब सवाल उठने लगे हैं। आल डिपार्टमेंट आउटसोर्स संयुक्त संघर्ष मोर्चा के संयोजक मनोज भार्गव और महामंत्री दिनेश सिसोदिया का कहना है कि इससे कर्मचारियों को कोई खास नई सुविधा या राहत नहीं मिलेगी।

पोर्टल से प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मियों को कोई ठोस राहत नहीं मिलने वाली। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में सरकार ने वचन पत्र में आउटसोर्स कर्मचारियों को केंद्र के समान न्यूनतम वेतन और संविदा कर्मी का दर्जा देने का वादा किया था, लेकिन नई व्यवस्था में इसका कोई स्पष्ट प्रावधान नजर नहीं आता।

व्यवस्था में बदलाव का अभाव, ठेका प्रथा जारी रहने की आशंका

पहले जैसी ही व्यवस्था, नहीं दिख रहा बदलाव। संघ के अनुसार पहले भी विभाग अपने-अपने पोर्टल पर अनुबंध और वर्क आर्डर दर्ज करते थे, अब केवल आरओएमएस पोर्टल पर एंट्री होगी। ईएसआई और पीएफ जमा कराने की जिम्मेदारी अब भी एजेंसियों की ही रहेगी। ऐसे में ठेका प्रथा में कोई बड़ा बदलाव नहीं दिखता। मोर्चा ने यह भी सवाल उठाया है कि पोर्टल में यह स्पष्ट नहीं है कि यदि ठेकेदार समय पर वेतन, एरियर या ईपीएफ-ईएसआई जमा नहीं करता, तो सरकार कितने समय में क्या कार्रवाई करेगी।

ठेकेदारों पर कार्रवाई और लंबित भुगतान पर स्थिति स्पष्ट नहीं

ठेकेदारों पर कार्रवाई को लेकर अस्पष्टता बनी हुई है। पहले से लंबित भुगतान कब तक दिलाया जाएगा, यह भी तय नहीं है। साथ ही ब्लैकलिस्ट ठेकेदारों को दोबारा ठेका लेने से रोकने की व्यवस्था पर भी स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। कर्मचारी संगठनों का मानना है कि जब तक सरकार न्यूनतम वेतन और सुरक्षित सेवा की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाती, तब तक महज पोर्टल बदलने से जमीनी स्तर पर कोई सुधार संभव नहीं है।


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