टीकमगढ़ के तालाबों पर NGT सख्त : सीमा तय करके खंभे लगाने के निर्देश, 50 मीटर तक रहेगा नो-कंस्ट्रक्शन बफर जोन
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May 13, 2026 06:24 pm IST
भोपाल। टीकमगढ़ के प्रमुख तालाबों में लगातार बढ़ते अतिक्रमण, सीवर और कचरे के संकट पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकरण ने जिला प्रशासन और नगर पालिका को निर्देश दिए हैं कि तालाबों की सीमाएं खंभे लगाकर चिन्हित की जाएं और चारों ओर 50 मीटर का नो-कंस्ट्रक्शन बफर जोन बनाया जाए।
एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच के सामने दायर याचिका में बताया गया कि शहर के महेंद्र सागर, वृंदावन तालाब (झिर की बगिया), ग्वाल सागर, हनुमान सागर, महाराज सागर और शैल सागर तालाबों में बिना उपचारित सीवर छोड़ा जा रहा है। साथ ही ठोस कचरा फेंका जा रहा है और बड़े पैमाने पर अतिक्रमण भी हो रहा है।
शैल सागर’ को लेकर जताई गंभीर चिंता
एनजीटी ने विशेष रूप से शैल सागर तालाब की स्थिति पर चिंता जताई। अधिकरण ने कहा कि यदि समय रहते संरक्षण के कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में तालाब का अस्तित्व ही खत्म हो सकता है।
प्रशासन को दिए ये बड़े निर्देश
NGT ने टीकमगढ़ कलेक्टर और नगर पालिका सीएमओ को निर्देश दिए हैं कि :
- सभी छह तालाबों की सीमाएं खंभे लगाकर तय की जाएं
- तालाबों के चारों ओर 50 मीटर तक नो-कंस्ट्रक्शन बफर जोन बनाया जाए
- अवैध निर्माण हटाए जाएं
- तालाबों में गिर रहे नालों का डायवर्जन किया जाए
- कचरा फेंकने वालों पर सख्ती से कार्रवाई हो
7 अगस्त को अगली सुनवाई
मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। तब तक प्रशासन से कार्रवाई रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।