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ब्रिक्‍स पर पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने भारत के खिलाफ उगला जहर, रूस करेगा दिल्‍ली के दुश्‍मन की मदद?

अपडेट Nov 23, 2023 02:17 pm IST
इस्‍लामाबाद: चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के इशारे के बाद आखिरकार ड्रैगन के आर्थिक गुलाम बन चुके पाकिस्‍तान की सरकार ने ब्रिक्‍स की सदस्‍यता के लिए अप्‍लाई कर दिया है। पाकिस्‍तान साल 2024 में ब्रिक्‍स की सदस्‍यता चाहता है जब रूस के पास इस वैश्विक संगठन की कमान होगी। भारत ने पाकिस्‍तान को शामिल किए जाने का कड़ा व‍िरोध किया है। रूस दशकों से भारत का करीबी दोस्‍त रहा है लेकिन यूक्रेन युद्ध के बाद अब वह चीन का 'जूनियर पार्टनर' बनता जा रहा है। रूस की चीन पर बढ़ती निर्भरता की वजह से पाकिस्‍तान के हौसले बुलंद हैं। पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री ने भारत से मदद मांगने की बजाय तीखा तंज कसा है।

रूस की समाचार एजेंसी तास की रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्‍तान के रूस में हाल ही में नियुक्‍त हुए राजदूत मुहम्‍मद खालिद जमाली ने ब्रिक्‍स की सदस्‍यता की जानकारी दी है। उन्‍होंने कहा कि पाकिस्‍तान चाहता है कि ब्रिक्‍स का सदस्‍य बनने में रूस मदद करे। उन्‍होंने कहा, 'पाकिस्‍तान इस महत्‍वपूर्ण संगठन का सदस्‍य बनना चाहता है और हम इसके सदस्‍य देशों के साथ संपर्क करने की प्रक्रिया में हैं ताकि समर्थन जुटाया जा सके।' पाकिस्‍तान के केयरटेकर विदेश मंत्री ने चीन का साथ मिलने के बाद भारत के खिलाफ तंज कसा है।

पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने कसा तंज


पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री ने भारत के वीटो करने के सवाल पर कहा कि अगर भारत ऐसा करता है तो ब्रिक्‍स के अंदर खुद उसके दर्जे पर खतरा पैदा हो जाएगा। पाकिस्‍तानी विदेश मंत्री भारत के साथ बातचीत करने की बजाय तंज कसने में जुट गए हैं। माना जा रहा है कि इसके पीछे पाकिस्‍तान का अति आत्‍मविश्‍वास है जो उसे चीन के समर्थन मिलने के बाद आया है। पाकिस्‍तान लंबे समय से कोशिश कर रहा है कि वह ब्रिक्‍स का सदस्‍य देश बन जाए लेकिन भारत ने इसका कड़ा विरोध किया है।

पाकिस्‍तान की ब्रिक्‍स की सदस्‍यता इस बात पर निर्भर करेगी कि भारत उसकी दावेदारी को समर्थन देता है या नहीं। इसीलिए पाकिस्‍तान चीन की मदद से रूस पर दबाव डलवाना चाहता है ताकि वह भारत को ऐसा करने के लिए मजबूर करे। पाकिस्‍तान चाहता है कि ब्रिक्‍स के मंच का फायदा उठाकर वैश्विक स्‍तर पर अपनी पहचान को और मजबूत किया जाए। वहीं चीन के राष्‍ट्रपति चाहते हैं कि इस समूह के अंदर भी उनके समर्थक देशों की संख्‍या बढ़ जाए ताकि वह अपनी मनमानी नीतियों को थोप सकें।

ब्रिक्‍स में अभी कौन-कौन से देश हैं सदस्‍य ?


अब सबकी निगाहें रूस पर हैं कि वह पाकिस्‍तान के आवेदन पर क्‍या फैसला करता है। ब्रिक्‍स में अभी रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका सदस्‍य हैं। जनवरी साल 2024 में आर्जेंटीना, मिस्र, इथोपिया, ईरान, सऊदी अरब और यूएई भी इसके सदस्‍य देश बन जाएंगे। विश्‍लेषकों का दावा है कि ब्रिक्‍स प्‍लस का यह गुट आर्थिक आधार जी7 से भी आगे निकल जाएगा। इसके अलावा 40 और देशों ने इसमें शामिल होने की इच्‍छा जताई है।


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