प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इंदौर में ‘मजदूरों के हित, मजदूरों को समर्पित’ कार्यक्रम में वर्चुअली जुड़कर कहा, 'मेरे लिए देश में चार जातियां सबसे बड़ी हैं- गरीब, युवा, महिलाएं और मेरे किसान भाई। गरीबों की सेवा, श्रमिकों का सम्मान और वंचितों को मान हमारी प्राथमिकता है।' इंदौर की तारीफ में कहा, 'स्वच्छता और स्वाद के लिए मशहूर इंदौर कितने ही क्षेत्रों में अग्रणी रहा है।'
PM ने सोमवार को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर हुकुमचंद मिल के मजदूरों की बकाया राशि मिलने की प्रोसेस की शुरुआत वर्चुअली की। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने परिसमापक (एक व्यक्ति या इकाई, जो किसी चीज का खात्मा करता है- आमतौर पर संपत्ति के मामले में) को यह चेक सौंपा।
32 साल से मजदूरों की देनदारियां बाकी थीं। मिल के करीब 4800 मजदूरों को उनके हिस्से का पैसा 15 से 30 दिन में मिल जाएगा। रकम बैंक खातों में आएगी। कनकेश्वरी धाम में हुए आयोजन में CM ने कन्या पूजन से कार्यक्रम की शुरुआत की।
PM के भाषण की बड़ी बातें...
ये कार्यक्रम मेरे लिए संतोष का विषय: मुझे खुशी है कि आज अटल बिहारी वाजपेयी जी की जन्म जयंती है। BJP की ये नई सरकार और नए CM और प्रदेश में ये मेरा पहला सार्वजनिक कार्यक्रम है, वो भी मेरे श्रमिक भाई-बहनों के लिए होना मेरे लिए संतोष का विषय है।
मजदूरों के सामने अब सुनहरी सुबह: आज सांकेतिक तौर पर 224 करोड़ रुपए का चेक सौंपा गया। आने वाले दिनों में यह रकम श्रमिक भाई-बहनों तक पहुंचेगी। आपके सामने अब सुनहरे भविष्य की सुबह है।मुझे बताया गया है कि जब हुकुमचंद मिल के श्रमिकों के लिए पैकेज का एलान किया गया तो इंदौर में उत्सव का माहौल हो गया था।
गरीबों का प्यार क्या कमाल कर सकता है, जानता हूं: मुझे विश्वास है कि डबल इंजन सरकार को गरीब, श्रमिकों का भरपूर आशीर्वाद मिलेगा। इनका प्यार और आशीर्वाद क्या कमाल कर सकता है, ये मैं अच्छी तरह से जानता हूं। MP की नई टीम आने वाले दिनों में नई उपलब्धियां हासिल करेगी। ये मुझे विश्वास है।
किसने - क्या कहा...
कुल 464 करोड़ रुपए का भुगतान होना है
इंदौर में मिल की यह कानूनी लड़ाई 32 साल से मजदूर लड़ रहे थे। रविवार को इसे लेकर मजदूर नेताओं की 1652वीं बैठक हुई, लेकिन यह बैठक संघर्ष के अंत की थी। कुल 464 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाना है। इसमें से करीब 4800 मजदूरों के खातों में 218 करोड़ रुपए दिए जाएंगे। बाकी राशि मिल की दूसरी देनदारियों में शामिल है।
इन कामों का शिलान्यास
इन कामों का लोकार्पण