मेनू

मुसलमानों से भेदभाव के नाम पर पीएम मोदी के खिलाफ दुष्प्रचार, BBC पर भड़का लोगों का गुस्सा, जमकर सुनाया

अपडेट Jan 17, 2023 07:12 pm IST
लंदन: ब्रिटेन की ब्रॉडकास्टिंग कंपनी बीबीसी, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आई दो एपिसोड वाली सीरीज को लेकर विवादों में है। 'इंडिया: द मोदी क्‍वेश्‍चन' इस टाइटल के साथ आई सीरीज को लेकर बवाल मचाल हुआ है। इस सीरीज के विवरण से इसके बारे में एक इशारा मिलता है। इसमें कहा गया है, 'भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत के मुसलमान अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के बीच तनाव पर नजर डालिए, 2002 के दंगों में उनके रोल के बारे में कई तरह की बातें पता लगती हैं जिनमें कई हजार लोगों की मौत हो गई थी।' इस सीरीज पर वहां पर रहने वाले भारतीय ही नाराजगी जता रहे हैं।
यूजर्स ने जताई नाराजगी
ट्टिवर पर भारतीय मूल के यूजर्स ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। एक यूजर ने लिखा है कि बीबीसी को बंगाल में भूखमरी पर एक सीरीज चलानी चाहिए। इसे 'यूके: द चर्चिल क्‍वेश्‍चन' नाम देना चाहिए। एक और यूजर ने लिखा है कि बीबीसी को यूके की परेशानियों पर ध्‍यान देना चाहिए। ब्रिटेन इस समय भारत से हर लिहाज से पीछे चल रहा है। वहीं एक और यूजर ने लिखा है एक बात जिससे हर भारतीय को नफरत है, वह है कि बार-बार उन्‍हें बाहरी बताया जाता है और यह बात वो लोग कहते हैं जिन्‍होंने कभी उसे गुलाम बनाया था। बीबीसी की सीरीज में पीएम मोदी के प्रधानमंत्री कार्यकाल पर नजर डाली जाएगी।
कई नीतियों को बताया विवादित
सीरीज के मुताबिक कैसे मुसलमान आबादी की तरफ से लगातार कई आरोपों को सरकार की तरफ से खारिज कर दिया जाता है। साथ ही सीरीज ने कई नीतियों को भी विवादित करार दिया है। ये वो नीतियां हैं जिन्‍हें मोदी सरकार ने साल 2019 में दोबारा सत्‍ता में आने के बाद लागू किया था। सीरीज में जिन नीतियों को विवादित बताया गया है उसमें आर्टिकल 370 को हटाकर कश्‍मीर का विशेष दर्जा समाप्‍त करने और नागरिकता संशोधन विधेयक (CAA) का जिक्र है। बीबीसी का कहना है कि सीएए वह कानून है जो भारत में मुसलमानों के साथ भेदभाव करता है। इसकी वजह से ही भारत में मुसलमानों पर हमले बढ़े हैं और हिंदू उनके खिलाफ हिंसक हो गए हैं।
चुनावों को प्रभावित करना मकसद
ब्रिटिश भारतीय अदित कोठारी इंडिक सोसायटी के संस्‍थापक सदस्‍य हैं। उन्‍होंने हाल ही में लंदन में बीबीसी के ऑफिस के सामने एक विरोध प्रदर्शन भी आयोजित किया था। उनका कहना है कि बीबीसी हमेशा भारत विरोधी रहा है। इस सीरीज का मकसद साल 2024 में होने वाले लोकसभा चुनावों से पहले शहरी आबादी को प्रभावित करना है। उनका कहना है कि भारत में बीबीसी को सीमित लोग ही देखते हैं लेकिन मीडिया को मसाला मिल सकता है। साथ ही विपक्ष भी इसकी स्‍टोरीज को अपने हिसाब से ही बताएगा। अदित कोठारी के मुताबिक इस सीरीज का दूसरे हिस्‍से के तहत मोदी को एक ऐसे असहिष्‍णु नेता के तौर पर बताना है जिसका बर्ताव मुसलमानों के प्रति खराब है।

अन्य महत्वपुर्ण खबरें

विज्ञापन

Advertisement