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पुतिन ने दुनिया को कर्ज में धकेल रहे चीन के बीआरआई की जमकर तारीफ की, जिनपिंग को बताया 'डियर फ्रेंड'

अपडेट Oct 18, 2023 01:34 pm IST
बीजिंग: चीन के दौरे पर पहुंचे रूस के राष्‍ट्रपति व्‍लादिमीर पुतिन ने चीनी राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग समेत दुनिया के 130 देशों के नेताओं के सामने बेल्‍ट एंड रोड परियोजना की जमकर तारीफ की है। पुतिन ने बीआरआई को चीन की एक सफल योजना बताई। पुतिन ने कहा कि जब हम कुछ बड़ा शुरू करते हैं तो हम यह उम्‍मीद करते हैं कि यह सफल होगा। लेकिन बीआरआई के वैश्वि‍क स्‍तर का होने की वजह से, यह अपेक्षा करना कि सबकुछ अच्‍छा होगा, मुश्किल था लेकिन हमारे चीनी दोस्‍तों ने यह कर दिखाया। पुतिन ने बीआरआई की यह तारीफ तब की है जब श्रीलंका से लेकर अफ्रीका तक के देश बीआरआई के कर्ज तले कराह रहे हैं।

पुतिन चीन के बीआरआई सम्‍मेलन में हिस्‍सा लेने के लिए पहुंचे हैं। चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग के इस ड्रीम प्रॉजेक्‍ट के 10 साल पूरे हो गए हैं। इसी को ध्‍यान में रखकर चीन ने यह सम्‍मेलन बुलाया है जिसमें 130 देशों के नेता पहुंचे हैं। पुतिन ने कहा कि दुनिया का सबसे बड़ा देश होने के नाते रूस का अन्‍य देशों के साथ संबंध महत्‍वपूर्ण है। उन्‍होंने कहा कि रूस का लक्ष्‍य चीन की योजना के अनुरुप ही है। उन्‍होंने दावा किया कि चीन का बीआरआई प्रतिस्‍पर्द्धा की बजाय सहयोग पर जोर देता है।

पुतिन और शी के निशाने पर रहे पश्चिमी देश


पुतिन ने अपने इस बयान से पश्चिमी देशों पर निशाना साधा। व‍िश्‍लेषकों के मुताबिक बीआरआई सम्‍मेलन के जरिए चीन ने अपनी बढ़ती ताकत का दुनिया में प्रदर्शन किया। पूरे सम्‍मेलन के दौरान पुतिन शी जिनपिंग के साथ कंधे से कंधा मिलाते हुए नजर आए। शी जिनपिंग ने पुतिन को काफी भाव दिया जिन‍के खिलाफ अंतरराष्‍ट्रीय आपराधिक अदालत ने यूक्रेन युद्ध को लेकर वारंट जारी किया हुआ है। पुतिन ने भी बीआरआई की तारीफ करके चीन को खुश करने की कोशिश की जो यूक्रेन युद्ध के दौरान लगे पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों से बचाने में मदद कर रहा है।

माना जा रहा है कि चीन जिस नई विश्‍व व्‍यवस्‍था को बढ़ावा देना चाहता है, पुतिन उसमें बड़ी भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। हालांकि अब रूस और चीन की दोस्‍ती से यह भी डर बढ़ रहा है कि ये दोनों ही महाशक्तियां पश्चिमी देशों को टक्‍कर देने के लिए अपना ब्‍लॉक बना रही हैं। वहीं शी जिनपिंग ने अपने भाषण के दौरान बीआरआई को वैश्विकरण का विकल्‍प बताने की कोशिश की। उन्‍होंने कहा कि बीआरआई सही दिशा में आगे बढ़ने का रास्‍ता है। उन्‍होंने ब्‍लॉक पॉलिटिक्‍स की निंदा करके पश्चिमी देशों पर निशाना साधा। उन्‍होंने पश्चिमी देशों के चीन पर से निर्भरता को कम करने की भी आलोचना की।


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