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खंडवा रोड से धार रोड के बीच त्रिकोणीय हिस्से में विकसित होंगे सड़क, ड्रेनेज, ग्रीन बेल्ट और मार्केट

अपडेट Feb 20, 2023 05:48 pm IST

मास्टर प्लान के प्रावधानों को जमीन पर उतारने के लिए जोनल प्लान का एरिया तय हो गया है। स्टेट इंस्टिट्यूट ऑफ टाउन प्लानर्स (सिटोप) ने जोनल प्लान के लिए आर्किटेक्ट को वर्क आर्डर तीन दिन पहले जारी कर दिया है। पिछले दिनों भोपाल में बैठक में शहर के कुछ क्षेत्रों पर स्टडी की गई थी। इसमें तय किया गया कि खंडवा रोड और धार रोड के बीच नगर निगम सीमा का त्रिकोणीय हिस्सा है, जिसमें जोनल प्लान को उतारा जाएगा।

सिटोप के संचालक (समन्वय) राजेश नागल के मुताबिक आर्किटेक्ट श्रुति पुरोहित को जोनल प्लान बनाने की जिम्मेदारी सौंपी है। अफसरों की बैठक के बाद प्रेजेंटेशन में खंडवा रोड और धार रोड के बीच का एरिया गूगल मैप के जरिए देखा गया। इसकी ग्राउंड रियलिटी भी देखी गई थी। इस हिस्से का जोनल बनाने पर सहमति बनी। इसके बाद ही वर्क आर्डर जारी किया गया।

2018 जुलाई में आखिरी बैठक हुई थी जोनल प्लान के लिए।

02 जोनल प्लान के ड्राफ्ट बने भी, पर मंजूर नहीं हुए।
1993 में 73वें-74वें संविधान संशोधन में जोनल प्लान बनाने की जिम्मेदारी नगरीय निकायों को दी थी
2035 के इंदौर को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान को रिवाइज किया जा रहा है।

16 वार्ड इस दायरे में आ रहे, सबसे बड़ा हिस्सा वार्ड 79 का, सबसे छोटा वार्ड 84 का

इस प्लान के यह फायदे... 75 हजार से 1 लाख तक आबादी की जरूरत के हिसाब से विकास

  • जोनल प्लान में कम से कम 10 हेक्टेयर क्षेत्र का लैंडयूज दर्शाते हैं।
  • शहर की माइक्रो प्लानिंग के लिए जोनल प्लान बनाया जाता है। यह प्लान 75 हजार से 1 लाख की आबादी को लेकर बनाया जाता है।
  • आमजन को पता चलता है कि उनके क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल, सीवर सहित अन्य जनसुविधाएं कहां-कहां प्रस्तावित हैं और उनके प्लॉट के सामने कितनी चौड़ी सड़क गुजर रही है।
  • जोनल प्लान लागू होने पर नगर निगम के अफसर अपने हिसाब से सड़कों की लंबाई, चौड़ाई तय नहीं कर सकते।
  • सार्वजनिक सुविधाओं के लिए नाम मात्र के छोटे-छोटे खुले क्षेत्र छोड़कर खानापूर्ति भी नहीं की जा सकती।
  • आमजन से आपत्ति-सुझाव आमंत्रित किए जाते हैं। प्रारूप फाइनल होने पर ही इसे लागू किया जाता है।
  • जोनल प्लान सार्वजनिक होने के बाद फेरबदल नहीं हो सकता।

अभी मास्टर प्लान से चल रहे विकास कार्य

  • मास्टर प्लान में 60 से 220 फीट चौड़ी सड़कें प्रस्तावित रहती हैं।
  • ग्रीन बेल्ट, आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक-अर्द्धसार्वजनिक सुविधाओं को बड़े स्तर पर प्रस्तावित करते हैं।

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