रायगढ़ नीतिपरायणता का प्रतीक सेंगोल एक राजदंड है। चांदी के सेंगोल पर सोने की परत होती है। इसके ऊपर भगवान शिव के भक्त एवं वाहन नंदी विराजमान हैं।
ऐतिहासिक दस्तावेजों के मुताबिक सेंगोल तमिल परंपरा में राज्य के महायाजक (राजगुरु) नए राजा को सत्ता ग्रहण करने पर एक राजदंड भेंट करता है। परंपरा के अनुसार यह राजगुरु, थिरुवदुथुरै अधीनम मठ का होता है। नए संसद भवन में सेंगोल की स्थापना को कांग्रेस की तुष्टिकरण से सनातन धर्म में हस्तांतरण का प्रतीक बताते हुए सांसद गोमती साय ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के सेंगोल स्थापना को लेकर दिए गए बयान पर जवाबी हमला किया है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूछा था कि लोकतंत्र से तानाशाह या लोकतंत्र से राजतंत्र किसका हो रहा हस्तांतरण? भूपेश बघेल के इस बयान पर जवाबी हमला करते हुए सांसद गोमती साय ने बयान दिया है।
सेंगोल गोल के संबंध में सांसद ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि सेंगोल शब्द तमिल शब्द सेम्मई’ से लिया गया है, जिसका शाब्दिक अर्थ होता है ‘नीतिपरायणता । सत्ता पर कांग्रेस हो या भाजपा सत्ता संचालन के लिए नीतिपरायणता सबसे आवश्यक है।सांसद गोमती साय ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा नीति परायणता एवम सनातन धर्म के प्रतीक इस सेंगोल को नेहरू ने इसलिए छिपा कर रखा था, ताकि तुष्टिकरण की नीतियों को ही महत्व दिया जा सके। नेहरू से विरासत में मिली तुष्टिकरण की नीति को इंदिरा गांधी ने बढ़ाया।
कश्मीर से पंडिर्तों का पलायन इसी तुष्टिकरण नीति का प्रमाण है। पचास वर्ष पहले गौ रक्षा हेतु संसद भवन के सामने शांति पूर्वक प्रदर्शन कर रहे निहत्थे साधुओ पर गोलियां चलवाई।
तुष्टिकरण की इन्ही नीतियों का हस्तांतरण इंदिरा ने अपने बेटे राजीव गांधी को किया। प्रधानमंत्री रहते राजीव गांधी ने मुस्लिम महिला के हक में दिए गए फैसले को लागू करने की बजाय तीन तलाक को बनाए रखने के लिए संसद से विधेयक पास कर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदला। यही नहीं राजीव ने इस तुष्टिकरण की नीतियां का हस्तांतरण सोनिया गांधी को किया।सोनिया गांधी ने मनमोहन से यह बयान दिलाया कि देश के संसाधनों पर पहला हक एक सौ चालीस करोड़ देशवासियों का नहीं बल्कि मुस्लिमों का है।