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आतंकवाद बर्दाश्‍त नहीं, सीमाओं का सम्‍मान हो... SCO मीटिंग में चीन और पाकिस्‍तान को NSA अजीत डोभाल ने सुनाया

अपडेट Mar 29, 2023 06:37 pm IST
नई दिल्‍ली: SCO देशों के राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSA) की बैठक बुधवार से शुरू हुई। पाकिस्‍तान और चीन इसमें वर्चुअली हिस्‍सा ले रहे हैं। बैठक की शुरुआत में NSA अजीत डोभाल ने कहा कि 'आतंकवाद की कोई भी गतिविधि, चाहे उसके पीछे जो भी वजह हो, की निंदा होनी चाहिए।' डोभाल ने चीन की विस्‍तारवादी नीति और पाकिस्‍तान की 'आतंकवाद नर्सरी' पर हमला किया। NSA ने कहा कि '
किसी भी तरह का आतंकवाद अंतरराष्‍ट्रीय सुरक्षा के लिए एक खतरा है। सभी देशों को आतंकवाद से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों सहित काउंटर-टेररिज्म प्रोटोकॉल के प्रति अपने दायित्व को पूरा करना है।'

डोभाल ने कहा कि 'वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य हाल के वर्षों में कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इन चुनौतियों के प्रभाव से शंघाई कॉर्पोरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO) क्षेत्र भी प्रभावित हुआ है... सदस्य देशों के बीच एक-दूसरे की संप्रभुता, क्षेत्रीय अखंडता और सीमाओं का परस्पर सम्मान होना चाहिए।' उन्‍होंने कहा कि नॉर्थ साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर में चाबहार को भी शामिल करना चाहिए।

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की अध्यक्षता भारत के पास है। रूस के NSA निकोलाई पत्रुशेव के साथ डोभाल की खास मीटिंग संभव है। चीन और रूस की बढ़ती नजदीकियों से भारत और रूस के रिश्‍ते पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। रूस से अहम हथियारों की डिलीवरी में देरी की खबरें हैं। SCO की अगली अहम बैठक सदस्‍य देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच होगी। यह बैठक भी नई दिल्‍ली में आयोजित की जाएगी।

SCO क्या है? कौन-कौन से देश हैं सदस्य?

SCO में भारत और पाकिस्तान के अलावा चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्‍तान और उज्बेकिस्तान शामिल हैं। इसके अलावा चार ऑब्जर्वर देश- अफगानिस्तान, बेलारूस, ईरान और मंगोलिया हैं। छह डायलॉग पार्टनर- आर्मीनिया, अजरबैजान, कंबोडिया, नेपाल, श्रीलंका और तुर्की हैं।

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