तस्वीर में खुद को बताया मुर्दा
तस्वीर में शिक्षक के पिता उसे मुखाग्नि देते हुए भी दिखे। उसी तस्वीर के आधार पर प्रशासन उसे मरा हुआ मान बैठा। उसके पिता ने डेथ सर्टिफिकेट पाने के लिए श्मशान घाट पर खरीदी गई लकड़ी का रसीद भी जमा किया। आरोपी के पिता ने 27 फरवरी 2022 को अपने बेटे की फर्जी मौत की जानकारी देकर डेथ सर्टिफिकेट ले लिया। उसके बाद पीड़ित के अधिवक्ता उमेश प्रसाद ने जब जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां कंप्लेन किया, तब जाकर मामले का खुलासा हुआ। उसके बाद उसे जेल भेजा गया था। इस मामले की वीडियो ने जांच कराई थी। 21 मई, 2022 को बीडीओ के निर्देश पर नीरज मोदी के पिता राजाराम मोदी पर चार सौ बीसी का मुकदमा दर्ज कराया गया था। इसके बाद पॉक्सो के विशेष न्यायाधीश लवकुश कुमार ने पूरे मामले की रिपोर्ट मांगी थी।