दुनिया में हर चीज के लिए खिताब है, सबसे लंबी टांगो वाली महिला से लेकर सबसे उम्रदराज पुरुष तक। गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की तरफ से इनकी खास खुबियों की वजह से इनको खिताब मिलता है। जापान के चितेत्सु वतनाबे ने भी गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में 'दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित पुरुष' होने का खिताब अपने नाम दर्ज करवा लिया है। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने बुधवार को चितेत्सु के घर जाकर उन्हें इसका सर्टिफिकेट दिया।
चितेत्सु का जन्म जापान के नीगाता में 5 मार्च, 1907 में हुआ था। अब तक वे 112 साल और 345 दिन के हो चुके हैं। उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है और उनके पांच बच्चे हैं। वे अपने आठ भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं।
चितेत्सु के परिवार के एक सदस्य ने बताया कि चितेत्सु ने अपने करियर की शुरूआत एग्रीकल्चर ग्रेजुएशन से की, इसके बाद वह एक द्वीप पर चले गए और वहां जाकर गन्ना बागान में काम किया। उन्होंने आगे बताया कि चितेत्सु ने बच्चों और पत्नी के साथ वहां 18 साल रहने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध में सेना में काम किया। इसके बाद वह नीगाता (जापान) लौट आए और सरकारी ऑफिस में रिटायरमेंट तक काम किया।
परिवार के सदस्य ने आगे बताया कि चितेत्सु की लंबी उम्र का राज यह है कि वे कभी नाराज नहीं होते हैं और न ही तेज आवाज में बात करते हैं। वह हमेशा खुश रहते हैं और रोजाना एक्सरसाइज जरूर करते हैं।
चितेत्सु से पहले जापान के ही मासाजो नोनाको नामक व्यक्ति ने दुनिया के सबसे उम्रदराज जीवित पुरुष का खिताब अपने नाम दर्ज करवाया था, लेकिन उनका निधन 12 जून, 2013 को हो गया। तब उनकी उम्र 113 साल 54 दिन थी। बता दें कि जापान की केन तनाका दुनिया की सबसे उम्रदराज जीवित महिला हैं, जिनकी उम्र 117 साल है। खास बात तो यह है कि केन तनाका कैंसर जैसी बिमारी को मात दे चुकी हैं।