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कोरोना के इतने केस क्‍यों आ रहे, इम्‍यूनिटी घटने से नई लहर का खतरा? WHO एक्‍सपर्ट की बात सुनिए

अपडेट Apr 10, 2023 05:53 pm IST
कोरोना वायरस के सक्रिय मामलों की संख्या 35 हजार के पार चली गई है। पिछले 24 घंटों में देशभर से 5,880 नए केस सामने आए। पॉजिटिविटी रेट लगातार बढ़ रहा है। राजधानी दिल्‍ली में संक्रमण दर 21% से ज्यादा हो गई है। हरियाणा समेत कई राज्यों में पब्लिक प्‍लेसेज पर मास्‍क कंपलसरी कर दिया गया है। इस बीच, सोमवार से अस्पतालों की तैयारियां परखने को राष्ट्रव्यापी मॉक ड्रिल शुरू हुई। केंद्रीय स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने एम्‍स (झज्जर) का दौरा किया। कोविड के मामलों में उछाल देखते हुए नई लहर की आशंका को बल मिला है। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन (WHO) के एक्सपर्ट का कहना है कि इम्यूनिटी कम होने से ऐसा हो सकता है। WHO की साउथ-ईस्‍ट एशिया की रीजनल डायरेक्टर डॉ पूनम खेत्रपाल के अनुसार, भारत को कोविड के मद्देनजर सर्विलांस बढ़ाने और वैक्सीनेशन तेज करने की जरूरत है।

कोरोना की नई लहर का खतरा, WHO एक्‍सपर्ट ने क्‍या कहा

  • डॉ पूनम खेत्रपाल ने कहा कि लोगों में कोरोना से जुड़ी इम्‍यूनिटी कम हो गई है। इसके चलते नई लहर का खतरा मंडरा रहा है। कोविड केसेज में उछाल के बीच WHO की रीजनल डायरेक्टर का यह बयान बेहद अहम है। पिछले साल भी इसी वक्‍त ओमिक्रॉन वेव शुरू हुई थी।
  • WHO एक्सपर्ट के अनुसार, भारत में बड़ी संख्या में लोगों का टीकाकरण हुआ है लेकिन वक्‍त के साथ इम्यूनिटी कम होने लगती है। ऐसे में बूस्‍टर डोज की जरूरत है। जिन लोगों को पहले से गंभीर बीमारी है, उन्हें प्रिकॉशन डोज जल्‍द से जल्‍द ले लेनी चाहिए।
  • बच्चों और टीनएजर्स को कोविड का खतरा कम है लेकिन मोटापे के शिकार बच्चों को अलर्ट रहना चाहिए।
  • डॉ सिंह ने कहा कि हमें वायरस को ट्रैक करने की क्षमता और अपने हेल्थ सिस्‍टम में खामियों को फौरन दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि कोविड से बचाव के लिए वैक्सीनेशन बहुत जरूरी है। यह बीमारी के गंभीर असर और मौत को रोकने में मदद करेगा।

देशभर में मॉक ड्रिल, दिल्‍ली-NCR में बढ़ा इन्‍फेक्‍शन

कोरोना पर तैयारी परखने के लिए आज देशभर में मॉक ड्रिल की जाएगी। इस दौरान अस्पतालों में दवाइयों का स्टॉक, बेड्स और ऑक्सिजन की स्थिति की समीक्षा होगी। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया सोमवार सुबह एम्स, झज्जर में जाकर तैयारियों को देखेंगे। उन्होंने सभी राज्यों के स्वास्थ्य मंत्रियों से भी कहा है कि वे अपने राज्यों में कोरोना की तैयारियों का जायजा लें।

दिल्ली में 24 घंटों में कोविड-19 के 699 केस सामने आए हैं। एक दिन में चार मौतें सामने आई हैं। हेल्थ बुलेटिन के मुताबिक, इनमें से तीन मौतों का प्राथमिक कारण कोविड-19 नहीं था, टेस्ट करने पर संक्रमण पाया गया। संक्रमण दर 21.15% रही और एक्टिव केस 2,460 हैं। रविवार को गुड़गांव में 217, फरीदाबाद में 41 नोएडा में 62 और गाजियाबाद में 48 संक्रमित मिले।

कोरोना इन्‍फेक्‍शन को कमजोर करती है प्रिकॉशन डोज

एक बार फिर कोविड की वजह से नए मामले बढ़ रहे हैं, संक्रमण दर में इजाफा हो रहा है, इलाज के लिए मरीज अस्पतालों में भर्ती भी हो रहे हैं। कई मरीज वेंटिलेटर पर हैं तो कई की मौत भी हो रही है। रविवार को कोरोना की वजह से 4 मरीजों की मौत की पुष्टि की गई है, जिसमें तीन की मौत की वजह कोरोना के साथ साथ दूसरी बीमारी भी है। लेकिन एक मरीज की मौत की वजह कोरोना बताया गया है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि संक्रमण की वजह से गंभीर बीमारी और मौत से बचने के लिए क्या फिर से वैक्सीनेशन की जरूरत है। प्रिकॉशन डोज लेना चाहिए, जो प्रिकॉशन डोज ले चुके हैं क्या उन्हें चौथी डोज लेना चाहिए, जानते हैं एक्सपर्ट की राय :

सवाल : वर्तमान हालात में प्रिकॉशन डोज के मायने हैं

जवाब : प्रिकॉशन डोज का मतलब है कि एहतियात के तौर पर वैक्सीन की एक और डोज। जिन लोगों ने कोरोना के खिलाफ दो वैक्सीन की डोज ले रखी है, उनके लिए तीसरी डोज का विकल्प है। अमेरिका में इस पर स्टडी हुई है, जिसमें पाया गया है कि जिसने प्रिकॉशन डोज लिया था, उनमें संक्रमण के बाद इलाज के लिए अस्पतालों में भर्ती होने की नौबत कम आई, उनकी मौत कम हुई। जो लोग संक्रमण की वजह से गंभीर बीमार होने और इसकी वजह से होने वाली मौत के खतरे को कम करना चाहते हैं वो प्रिकॉशन डोज ले सकते हैं।

सवाल : लेकिन सरकार की इस पर क्या राय है?

जवाब : अभी तक सरकार ने इसको लेकर कोई आदेश जारी नहीं किया है, लेकिन सरकार ने तीसरी डोज का नाम प्रिकॉशन यानी एहतियाती डोज रखा है, जो लोग लेना चाहते हैं, उनके लिए विकल्प है।

सवाल : अभी जो वेरिएंट XBB.1.16 फैल रहा है, क्या इससे बचाव में कारगर है प्रिकॉशन डोज?

जवाब : यह कहा नहीं जा सकता है, क्योंकि इस पर हमारे पास स्टडी नहीं है। क्योंकि इस संक्रमण में अब मरीजों में गंभीर बीमारी भी देखी जा रही है, मरीज वेंटिलेटर पर भी जा रहे हैं और रविवार को जारी मौत के आंकड़ों में एक की मौत की वजह कोरोना ही पाया गया है। इसलिए कहना मुश्किल है।

सवाल : प्रिकॉशन डोज किसके लिए फायदेमंद है?

जवाब: जो लोग हाई रिस्क मरीज हैं, उन्हें प्रिकॉशन डोज लेनी चाहिए, उनके लिए फायदेमंद है। जो लंबी बीमारी से पीड़ित हैं, चाहे कैंसर हो या हार्ट की बीमारी, ब्लड प्रेशर हो या डायबिटीज, किडनी, लिवर, सांस की बीमारी है उनके लिए कोरोना का भी वेरिएंट खतरनाक हो सकता है। ऐसे लोगों को तीसरी डोज लेनी चाहिए।

सवाल : अभी प्रिकॉशन यानी तीसरी डोज की बात हो रही है, कल चौथी डोज की बात हो सकती है, आम लोग क्या करें?

जवाब : कोरोना के बारे में यह जान लें कि इसको लेकर सौ फीसदी आकलन करना संभव नहीं हो पाया है। शुरू से ही ऐसा रहा है। अब आने वाले समय में किस प्रकार का वैरिएंट होता है, कितना बदलाव होता है, यह आज के समय में कहना मुश्किल है। हो सकता है कि चौथी डोज की भी जरूरत पड़े और ऐसा हो सकता है कि हर साल इनफ्लुएंजा की तरह वैक्सीन लेनी पड़ जाए।


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