मेनू

भोपाल में वायु प्रदूषण का स्तर खतरनाक, नवंबर में सातवीं बार एक्यूआई 300 के पार

अपडेट Nov 20, 2024 01:38 pm IST

भोपाल। झीलों की नगरी और चारों तरफ से हरियाली से घिरी राजधानी भोपाल की हवा भी प्रदूषित हो चुकी है। यहां के लोग भी 19 दिनों से जहरीली हो चुकी हवा में सांस लेने को विवश हैं। नवंबर यह सातवीं बार है, जब भोपाल का एक्यूआई 300 के पार हुआ है।

हैरत की बात तो यह है कि वायु प्रदूषण की इतनी गंभीर स्थिति होने के बावजूद अब तक प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी नहीं जागे हैं, जबकि दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर कई तरह की सख्तियां और पाबंदियां लगा दी गई हैं। स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है, वर्क फार होम शुरू कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट खुद इस मामले को लेकर गंभीर दिख रहा है।
राजधानी भोपाल में जिम्मेदारों की लापरवाही शहर की लगभग 23 लाख आबादी परेशान हो रही है। यहां एक्यूआई खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है, इसके बाद भी शहर में अब तक न तो किसी तरह की सख्ती की गई है और न ही कोई पाबंदी लगाई गई है। शहर की हवा में इस वक्त पीएम 2.5 की मात्रा भी अधिक है, जो कमजोर इम्यूनिटी के लोगों को बीमार करने के लिए काफी है।

मंगलवार शाम को भोपाल के कलेक्ट्रेट परिसर में सर्वाधिक एक्यूआई 316 दर्ज किया गया। पर्यावरण परिसर का एक्यूआई 312 और टीटी नगर का एक्यूआई 309 दर्ज हुआ है। बता दें कि जहां कभी एक्यूआई 60 तक पहुंचने पर ही हलचल मच जाती थी, वहां आज वायु प्रदूषण इतना अधिक बढ़ जाने पर भी किसी स्तर पर सतर्कता नहीं बरती जा रही है।

वायु प्रदूषण के ये हैं प्रमुख कारण

- सड़क पर उड़ती धूल
- निर्माण कार्यों के दौरान उड़ती धूल
- वाहनों से निकलने वाला धुआं
- कचरे को जलाना
- लकड़ी को जलाना
- ग्रीव कवर कम होना
- शहर का अनियोजित विकास


अन्य महत्वपुर्ण खबरें

विज्ञापन

Advertisement