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पूर्व CM कमलनाथ ने मोहन सरकार पर साधा निशाना:X पर लिखा- एक साल में रिश्वतखोरी बढ़ी

अपडेट Dec 30, 2024 01:05 pm IST

सोयाबीन बेचने के लिए खरीदी केंद्रों पर पहुंचने वाले किसानों से नाफेड सर्वेयरों द्वारा 400 रुपए की अवैध वसूली के आरोप के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मोहन सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने X पर लिखा- एक साल के अंतराल में रिश्वतखोरी में बढ़ी है। साथ ही दलित, आदिवासी और महिला सुरक्षा के मामलों में प्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हुआ है।

कमलनाथ ने आगे लिखा कि प्रदेश के सोयाबीन किसान एक बार फिर से भ्रष्टाचार का शिकार बन रहे हैं। सोयाबीन की सरकारी ख़रीद में हर बोरे पर 400 रुपए की रिश्वत लेने के आरोप अत्यंत गंभीर है। इसी भ्रष्टाचार का नतीजा है कि प्रदेश में तय सीमा से आधा सोयाबीन ही MSP पर ख़रीदा जा सका है।

उन्होंने लिखा- मध्य प्रदेश के किसान के दर्द को इसी बात से समझा जा सकता है कि, कभी तो उसे सही समय पर खाद नहीं मिलता, उसके बाद नकली बीज उसे परेशान करते हैं और जब फसल बेचने की बारी आती है तो रिश्वतख़ोरी और भ्रष्टाचार से उसकी मेहनत की कमाई पर डाका डाला जाता है।

मोहन सरकार के एक साल के कार्यकाल पर तंज

कमलनाथ ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की है कि पूरे प्रदेश में MSP पर सोयाबीन की खरीद व्यवस्था की विस्तृत जांच कराएं और किसानों का सोयाबीन सही कीमत पर बिना भ्रष्टाचार के बेचना तय कराएं।

कमलनाथ ने मोहन सरकार के एक साल के कार्यकाल पर तंज कसते हुए X पर लिखा कि, मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार का एक साल का कार्यकाल 13 दिसंबर को पूरा हो गया। अब बीजेपी इस एक साल को स्वर्णिम कार्यकाल बताकर अपनी पीठ थपथपा रही है लेकिन मोहन सरकार ने गरीबों, किसानों, युवाओं, महिलाओं, दलितों और सभी वर्गों के लोगों के लिए क्‍या किया है, यह विचारणीय है।

कमलनाथ ने आगे लिखा

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महिला सुरक्षा, दलित और आदिवासी सुरक्षा के मामले में मध्यप्रदेश का रिकॉर्ड और भी खराब हो गया है। स्वास्थ्य शिक्षा का हाल यह है कि मध्यप्रदेश की पहचान व्यापमं और नर्सिंग जैसे घोटालों से होने लगी है। समाज की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था, हर पहलू पर इतनी नाकामी क्यों हासिल हो रही है? इससे बढ़कर चिंता की बात यह है कि मध्य प्रदेश सरकार इन सारे विषयों पर एकदम चुप है।



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