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मोदी का संदेश मिलते ही मैदान में उतर गए 'मित्र'

अपडेट Nov 18, 2023 12:59 pm IST
इंदौर में सफाई सिर्फ स्पर्धा में पहले स्थान पर आने के लिए नहीं होती है। सालभर इंदौरवासी सफाई में सहयोग करते हैं। यह उनकी आदत और संस्कार में शामिल हो चुका है। इसका नमूना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के रोड शो के बाद भी देखने को मिला। दरअसल मोदी के स्वागत में लोगों ने खूब फूल बरसाए थे। बड़ा गणपति से राजवाड़ा तक दोनों तरफ की सड़क फूलों से पट गई थी। मोदी ने भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को सफाई कराने का फोन किया। इसके बाद विजयवर्गीय ने तुरंत महापौर पुष्यमित्र भार्गव को सूचना दी। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश मिलते ही महापौर ने खुद झाड़ू उठा ली और सफाई के काम में लग गए। महापौर को सफाई करते देख साथ में चल रहे लोगों ने तुरंत नगर निगम की टीम को भी सफाई में लगाने का निर्देश दिया और देखते-देखते सड़कें चकाचक हो गई।

और पैसों के इंतजार में ही बीत गई यह दीपावली भी

इस वर्ष दीपावली पर खास रौनक देखने को मिली। खास लोगों की दीपावली हर साल ही अच्छे मनती है, पर इस बार चुनावी माहौल में आम लोगों की दीपावली भी खुशियों भरी बीतीं। चुनाव के चलते त्योहार पर हर वर्ग के लोगों को नेताओं से लेकर समाजसेवियों ने खूब मिठाइयां व अन्य जरूरी सामान बांटा। इतना सब होने के बाद भी कई दशक से बंद पड़ी हुकुमचंद मिल मजदूरों की यह दीवाली भी बकाया पैसों के इंतजार में ही बीत गई। चुनाव आयोग की अनुमति का हवाला देकर सरकार की ओर से हाई कोर्ट में लगाए गए आवेदन के चलते भुगतान की प्रक्रिया अटक गई है। इसका निदान कब तक होगा, फिलहाल कुछ भी स्पष्ट नहीं है। हाई कोर्ट के निर्देश बाद मजदूरों को उम्मीद बंधी थी कि इस बार उनकी दीपावली अच्छी मनेगी, पर सरकार ने विधानसभा चुनाव का हवाला भुगतान अटका दिया।
इस बार का विधानसभा चुनाव कांग्रेस ने बेहतर प्रबंधन के साथ लड़ा है। अपने विरोधियों पर हमले करने के साथ ही तकनीकी रूप से भी कांग्रेस इस बार लय में नजर आई है। अब उसे अभी से मतगणना और ईवीएम से छेड़छाड़ की चिंता सताने लगी है। मतगणना में सरकारी अधिकारी खेल न बिगाड़ दें, इसे लेकर प्रत्याशियों को पहले ही पार्टी ने सचेत कर िदया था। इसी बात को ध्यान में रखकर कांग्रेस उम्मीदवारों ने कई जगह पर अपने करीबी लोगों को चुनाव में प्रत्याशी बनवा दिया था। इन निर्दलीय प्रत्याशियों ने न तो प्रचार किया है, न हीं नाम वापस लिया है। ये प्रत्याशी मतगणना स्थल पर कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन में मौजूद रहने का काम करेंगे। कांग्रेस की गंभीरता का अंदाजा इससे भी लगा सकते हैं कि उसने अपने बूथ प्रबंधन संभाल रहे कार्यकर्ताओं के लिए एक बड़ी सी गाइडलाइन भी जारी की थी।

अब मंत्रिमंडल गठन और मुख्यमंत्री को लेकर होने लगी चर्चा

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए मतदान समाप्त हो चुका है। यहां पर भाजपा और कांग्रेस के बीच कांटे का मुकाबला है। कांग्रेस ने मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में कमल नाथ को आगे किया है तो भाजपा ने इस बार अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। इस बीच अभी से मंत्रिमंडल गठन और मुख्यमंत्री को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। कांग्रेस की तरफ से जीतू पटवारी और संजय शुक्ला को अगली सरकार में मंत्री बताया जा रहा है तो भाजपा भी अभी से मालिनी गौड़, रमेश मेंदोला और तुलसी सिलावट को भावी मंत्री बताने लगी है। मतदान खत्म होते ही विधायक रमेश मेंदोला ने एक बयान देकर भी इस चर्चा को हवा दे दी। उन्होंने कहा कि मैं खुद ही नहीं बल्कि पूरा इंदौर चाहता है कि कैलाश विजयवर्गीय मुख्यमंत्री बनें। अब उनके इस बयान के कई मतलब निकाले जा रहे हैं।


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