रेडिएशन ऑन्कोलॉजी यानी सिकाई कराने वाले रोगियों को मिला लें तो यह संख्या और अधिक होगी। गुजरात में तो आयुष्मान योजना का लाभ लेने वाले में ही सर्वाधिक कैंसर रोगी हैं। मप्र में एक लाख 62 हजार रोगियों ने कैंसर का उपचार कराया है।
प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के जीएम ऑपरेशन रहे सेवानिवृत्त अधिकारी डॉ. ओपी तिवारी का कहना है कि कैंसर का उपचार एक तो महंगा है। दूसरा यह कि इसका उपचार दो से तीन वर्ष और कुछ का तो इससे भी अधिक समय तक चलता है। यही कारण है कि अधिकतर रोगी आयुष्मान भारत योजना से ही उपचार कराते हैं।
वह कहते हैं कि यह बात भी सही है सरकारी अस्पतालों की तुलना में योजना के अंतर्गत अनुबंधित निजी अस्पतालों और निजी मेडिकल कॉलेजों में इसके उपचार की अच्छी सुविधाएं हैं। प्रोसीजर के मामले में रेडिएशन ओंकोलॉजी और कीमोथेरेपी का लाभ लेने वाले रोगियों की संख्या भी अन्य प्रोसीजर की तुलना अधिक है।