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शरद पूर्णिमा आज, ग्रहण के साये में घट जाएगी चांदनी की आभा, जानिए ग्रहण अवधि, कहां-कहां दिखेगा

अपडेट Oct 28, 2023 12:06 pm IST
भोपाल। चमकीली चांदनी के लिए जाने जाना वाला शरद पूर्णिमा का चांद 28 अक्टूबर को मध्यरात्रि में अपनी चमक को खोता नजर जाएगा। पृथ्वी से इस समय लगभग 3,69,425 किमी दूर स्थित चंद्रमा आंशिक चंद्रग्रहण की घटना के कारण कुछ घंटे पृथ्वी के साये में रहेगा। नेशनल अवार्ड प्राप्त विज्ञान प्रसारक सारिका घारू ने चंद्रग्रहण के वैज्ञानिक तथ्यों को बताने के लिए कार्यक्रम का आयोजन किया।

साढ़े चार घंटे रहेगा ग्रहण

उन्होंने बताया कि इस चंद्रग्रहण की शुरुआत उपछाया ग्रहण से 28 अक्टूबर को रात 11 बजकर 31 मिनट के कुछ बाद होगी, लेकिन महसूस होने वाला आंशिक ग्रहण मध्यरात्रि के बाद एक बजकर पांच मिनट आरंभ होगा, जो रात एक बजकर 44 मिनट पर अधिकतम ग्रहण की स्थिति होगी। यह आंशिक ग्रहण रात लगभग दो बजकर 23 मिनट पर समाप्त हो जाएगा लेकिन इसके बाद भी उपछाया ग्रहण तो चलता रहेगा जो पूरी तरह तीन बजकर 57 मिनट पर समाप्त होगा। इस तरह वैज्ञानिक रूप से ग्रहण की कुल अवधि चार घंटे 25 मिनट होगी, लेकिन महसूस होने वाले आंशिक ग्रहण की कुल अवधि एक घंटे 17 मिनट होगी।

ग्रहण की स्थिति और कारण

पृथ्वी जब चंद्रमा और सूर्य के बीच होती है तो इसके द्वारा सूर्य का प्रकाश रोक लिया जाता है और सूर्य का पूरा प्रकाश चंद्रमा पर नहीं पड़ता है, अर्थात चंद्रमा पर पृथ्वी की छाया पड़ती है, इसे चंद्रग्रहण कहा जाता है। जब चंद्रमा, पृथ्वी की उपछाया में होता है तो उस समय उपछाया ग्रहण होता है। जब चंद्रमा का कुछ भाग पृथ्वी की घनी छाया वाले भाग में आता है तो आंशिक चंद्रग्रहण होता है। इस बार यह दोनों ही स्थितियां बन रही हैं।

इन देशों में दिखेगा चंद्रग्रहण

चंद्रग्रहण की यह घटना भारत सहित एशिया, आस्ट्रेलिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अफ्रीका सहित हिंद महासागर के अधिकांश भागों से दिखाई देगी। इस तरह गणितीय अनुमान के अनुसार उपछाया ग्रहण का कुछ न कुछ भाग इस विश्व की लगभग 92.14 प्रतिशत जनसंख्या और आंशिक ग्रहण को 87.07 प्रतिशत जनसंख्या देख सकेगी।

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