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शिवराज सरकार में गठित बोर्ड नहीं होंगे भंग, 46 निगम मंडलों की नियुक्तियां निरस्त कर चुकी है सरकार

अपडेट Feb 28, 2024 12:08 pm IST

भोपाल। निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्डों की राजनीतिक नियुक्तियों को सरकार निरस्त कर चुकी है पर सामाजिक समीकरणों को देखते हुए जो नए बोर्ड बनाए गए थे, उन्हें भंग नहीं किया जाएगा। इनके अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य काम करते रहेंगे। विधानसभा चुनाव के पहले रजक, वीर तेजाजी, परशुराम कल्याण, तेलघानी, विश्वकर्मा सहित अन्य बोर्ड गठित किए थे।

46 निगम नियुक्तियां निरस्त कर चुकी है सरकार

शिवराज सरकार ने विधानसभा चुनाव के पहले निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्डों में राजनीतिक नियुक्तियां की थीं। सियासी और क्षेत्रीय समीकरण को देखते हुए यह नियुक्तियां हुई थीं। मोहन सरकार 46 निगम, मंडल, प्राधिकरण और बोर्डों के अध्यक्ष, उपाध्यक्षों की नियुक्तियां निरस्त कर चुकी है। इसके बाद से ही अटकलें लगाई जा रही थीं कि जो बोर्ड रह गए हैं, उनकी नियुक्तियां भी निरस्त होंगे पर संगठन स्तर पर विचार के बाद सरकार ने यह निर्णय लिया है कि विभिन्न समाजों से जुड़े बोर्डों की नियुक्तियां निरस्त नहीं की जाएंगी।

जून के बाद नई नियुक्ति

दरअसल, सरकार ने चुनाव के पहले विश्वकर्मा, स्वर्णकला, कुश, महाराणा प्रताप, जय मीनेश, मां पूरी बाई कीर, देवनारायण सहित अन्य कल्याण बोर्ड गठित तो कर दिए थे पर न तो इन्हें स्टाफ मिला और न ही कार्यालय। काम करने के लिए समय नहीं मिला। इन सभी स्थिति को देखते हुए लोकसभा चुनाव के बाद इनका आकलन करके निर्णय लिया जाएगा। वहीं, जो नियुक्तियां निरस्त की गई हैं, उनके स्थान पर नई नियुक्ति भी जून के बाद की जाएंगी। सबसे पहले भोपाल, इंदौर सहित अन्य शहरों के विकास प्राधिकरणों में नियुक्तियां होंगी ताकि शहरों के विकास से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित न हों।


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